हिमाचल: 'PWD सर्किट हाउस कुर्क करें', मंडी कोर्ट ने सुनाया फैसला; 3 दिन में लाभ जारी न करने पर होगी कार्रवाई
मंडी कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को कर्मचारी वीरेंद्र कुमार के बकाया भुगतान के लिए तीन दिन का समय दिया ...और पढ़ें

मंडी कोर्ट ने कर्मी के लाभ जारी न करने पर लोक निर्माण विभाग की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।
HighLights
मंडी कोर्ट ने PWD को भुगतान का अंतिम मौका दिया।
तीन दिन में बकाया न देने पर सर्किट हाउस कुर्क होगा।
कर्मचारी वीरेंद्र कुमार के पक्ष में लेबर कोर्ट का फैसला।
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही पर सीनियर सिविल जज असलम बेग की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह कर्मचारी वीरेन्द्र कुमार के पक्ष में जारी अवार्ड की डिक्री राशि तीन दिन के भीतर ब्याज सहित अदा करें। यदि 17 अक्टूबर तक भुगतान नहीं किया जाता है तो 27 अक्टूबर को मंडी के टारना रोड स्थित विभाग के सर्किट हाउस को कुर्क कर लिया जाएगा।
अदालत ने सिविल नाजिर को आदेश दिए हैं कि वे सर्किट हाउस की कुर्की की कार्रवाई के लिए सभी आवश्यक सामान और सामग्री उपलब्ध करवाएं। इसके साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो।
अदालत ने यह भी निर्देशित किया है कि कुर्की की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे के बाद, यानी सर्किट हाउस में मेहमानों के चेक-इन और चेक-आउट के समय के पश्चात ही शुरू की जाए।
विभाग के खिलाफ लेबर कोर्ट गया था कर्मी
यह पूरा प्रकरण लोनिवि कर्मी वीरेंद्र कुमार से जुड़ा है, जिन्होंने विभाग के निर्णयों को लेबर कोर्ट में चुनौती दी थी। लेबर कोर्ट ने सात सितंबर, 2022 को वीरेंद्र कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें 3,29,222 रुपये बतौर हर्जाना, 34 महीने के वेतन और ब्याज के रूप में देने का अवार्ड पारित किया था। इस अवार्ड को लागू करवाने के लिए वीरेंद्र कुमार ने अपने अधिवक्ता बीसी शर्मा के माध्यम से अदालत में इजराय याचिका दायर की थी।
अब कुर्की के अलावा नहीं कोई रास्ता
बीते 12 अगस्त को सीनियर सिविल जज की अदालत ने विभाग की तमाम आपत्तियों को खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि विभाग लंबे समय से अवार्ड का पालन करने में पूरी तरह विफल रहा है। ऐसे में विभाग की संपत्तियों को कुर्क करके देय राशि का भुगतान कराने के अलावा अदालत के पास और कोई विकल्प नहीं बचा है।
हालांकि सहायक लोक अभियोजक के विशेष अनुरोध और आखिरी अवसर की मांग को स्वीकार करते हुए अदालत ने विभाग को भुगतान के लिए यह अंतिम अवसर दिया दी है। तय सीमा में राशि जमा न होने पर सर्किट हाउस की कुर्की की कार्रवाई को अनिवार्य रूप से अंजाम दिया जाएगा।
