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मनाली हाईवे पर यहां बरसात में कभी धंस सकता है पहाड़, डयोड मोड़ पर सबसे संवेदनशील बना फोरलेन का हिस्सा

By Mukesh Kumar Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 18 Jun 2026 06:28 AM (IST)

मनाली हाईवे पर पंडोह डैम के पास डयोड मोड़ पर फोरलेन का हिस्सा भूस्खलन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जहां 2025 में सड़क धंस गई थी।

मनाली हाईवे पर डयोड मोड़ के पास भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जागरण

मनाली हाईवे पर डयोड मोड़ के पास भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जागरण

HighLights

  1. डयोड मोड़ पर फोरलेन का हिस्सा अत्यधिक संवेदनशील।

  2. 2025 में सड़क धंसने के बाद खतरा बरकरार।

  3. स्थानीय लोग स्थायी सुरक्षा उपायों की कर रहे मांग।

विशाल वर्मा, पंडोह (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में मनाली हाईवे पर पंडोह डैम से लगभग दो किलोमीटर आगे स्थित डयोड मोड़ पर फोरलेन का हिस्सा सबसे संवेदनशील स्थान बन गया है। सबसे पहले यहां फोरलेन के नीचे बना डंगा गिरा था। 2025 की बरसात में सड़क का लगभग 100 मीटर हिस्सा एक तरफ से पूरी तरह धंस गया था। इस घटना के बाद से यह क्षेत्र लगातार खतरे की जद में बना हुआ है।

लोगों का कहना है कि सड़क के एक तरफ गहरी खाई और दूसरी तरफ अत्यंत कमजोर पहाड़ी है। बरसात शुरू होते ही पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरता है। कई बार चट्टानें सीधे सड़क तक पहुंच जाती हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी समय होने वाला भूस्खलन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

एक साल बीता पर कुछ नहीं हुआ

पिछले वर्ष सड़क धंसने की घटना के बाद उम्मीद थी कि संबंधित एजेंसियां यहां स्थायी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था करेंगी, लेकिन कोई पुख्ता समाधान नहीं हुआ। बरसात शुरू होने से पहले लोगों ने एनएचएआइ से इस क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग उठाई है। 

पहाड़ी में लगातार बढ़ रही दरारें 

सड़क के ऊपर स्थित पहाड़ी क्षेत्र में लगातार दरारें बढ़ रही हैं। पहाड़ की मिट्टी और चट्टानों की पकड़ कमजोर हो रही है। यही कारण है कि लैंडस्लाइड का दायरा धीरे-धीरे बढ़ते हुए करीब 200 मीटर तक पहुंच चुका है।

अस्थायी सुरक्षा के सहारे चल रहा काम

फोरलेन निर्माण कार्य में लगी शापुरजी पलोंजी कंपनी के टीम लीडर आदर्श पन्होत्रा ने बताया कि जिस स्थान पर सड़क का हिस्सा धंसा था, वहां नीचे की ओर क्रेट वाल लगाकर अस्थायी सुरक्षा दी गई है। क्षेत्र की जटिल भू-वैज्ञानिक स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिक सर्वेक्षण एनएचएआइ द्वारा कराया जा रहा है। यहां नीचे की पहाड़ी बेहद कमजोर है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले बनाई गई मजबूत प्रोटेक्शन वाल भी इस क्षेत्र में टिक नहीं पाई। ऊपर की पहाड़ी से लगातार लैंडस्लाइड हो रहा है, जिसका दायरा बढ़ चुका है। विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर स्थायी और मजबूत समाधान तैयार किया जा रहा है।

बरसात से पहले सुरक्षा इंतजामों की मांग

पंचायत हटोण की प्रधान अनीता देवी, देवरी पंचायत के प्रधान तुलसी राम और अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे से पहले इस क्षेत्र में विशेष निगरानी व्यवस्था, राक फाल बैरियर, मजबूत रिटेनिंग स्ट्रक्चर और चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाए।

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