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ट्रैफिक जाम पर हिमाचल हाई कोर्ट सख्त, सरकार से किया जवाब तलब; गढ़खल से कसौली की स्थिति पर लिया संज्ञान

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 17 Jun 2026 12:45 PM (IST)

हिमाचल हाई कोर्ट ने गढ़खल से कसौली तक के ट्रैफिक जाम पर स्वतः संज्ञान लिया है और राज्य सरकार व लोक निर्माण विभाग से जवाब मांगा है।

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने गढ़खल-कसौली ट्रैफिक जाम पर स्वतः संज्ञान लिया।

  2. राज्य सरकार और PWD से सड़क की हालत पर जवाब तलब।

  3. जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को सड़क निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सोलन जिले के गढ़खल से कसौली तक ट्रैफिक जाम की समस्या पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाबतलब किया है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर मार्ग की खस्ता हालत पर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी।

जनहित याचिका में बताया है कि गढ़खल से कसौली तक का रास्ता पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गया है, यहां लगातार ट्रैफिक जाम रहता है खासकर पर्यटन सीजन के दौरान। इस समस्या को हल करने के लिए कोई खास कोशिश नहीं की गई है। 

बाईपास के लिए क्या कदम उठाए

कोर्ट को बताया है कि वैकल्पिक रास्ता बनाकर इस हिस्से को बाईपास बनाने का प्रस्ताव है। इस पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को यह बताने के आदेश दिए कि गढ़खल बाईपास बनाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपें

कोर्ट को यह भी बताया था कि इस सड़क की हालत खस्ता है और इसमें वर्षों से कोलतार नहीं बिछाई गई है। कोर्ट ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव को आदेश दिए कि वह गढ़खल से कसौली तक की सड़क का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपें। 

एसई को भी प्रतिवादी बनाया

कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग सोलन सर्किल के एसई को भी प्रतिवादी बनाया और निर्देश दिया कि वह सुनवाई की अगली तारीख या उससे पहले हलफनामा दाखिल करें। इसमें यह बताया जाए कि सड़क पर आखिरी बार कोलतार कब बिछाई गई थी।

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