हिमाचल में लेह रेललाइन और हाईवे की अलाइनमेंट में टकराव, मनाली में 19 रेलवे क्रॉसिंग प्वाइंट बने अड़चन
लेह रेललाइन और मनाली के बायें तट पर प्रस्तावित दोलेन मार्ग की अलाइनमेंट में टकराव के कारण निर्माण कार्य बाधित ...और पढ़ें

लेह रेललाइन के कारण मनाली हाईवे निर्माण में अड़चन आ गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
लेह रेललाइन और मनाली सड़क अलाइनमेंट में गंभीर तकनीकी टकराव।
नग्गर से प्रीणी के बीच 19 रेलवे क्रॉसिंग बाधा।
एनएचएआई का मनाली दोलेन मार्ग प्रोजेक्ट रुका हुआ।
जागरण संवाददाता, मंडी। बिलासपुर मनाली लेह के बीच प्रस्तावित रणनीतिक रेललाइन मनाली के बायें तट पर बनने वाले दोलेन मार्ग के निर्माण में तकनीकी अड़चन बन गई है। नग्गर से प्रीणी के बीच रेलवे लाइन और प्रस्तावित सड़क की अलाइनमेंट कई जगह एक-दूसरे से टकरा रही है। इस हिस्से में करीब 19 रेलवे क्रॉसिंग प्वाइंट आ रहे हैं, जबकि प्रीणी में प्रस्तावित सुरंग की योजना भी अब तक आगे नहीं बढ़ पाई है। कहीं दोनों मार्ग समानांतर हैं तो कहीं एक-दूसरे के ऊपर-नीचे आ रहे हैं।
रेलवे और एनएचएआई की उच्चस्तरीय बैठकें
इस समस्या के समाधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और रेलवे अधिकारियों के बीच दो दौर की उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। एनएचएआइ ने सड़क की योजना तैयार करने के लिए रेलवे से उसकी अंतिम अलाइनमेंट साझा करने का आग्रह किया था।
एनएचएआई का प्रोजेक्ट रुका
हालांकि, रेलवे ने परियोजना की सामरिक और राष्ट्रहित से जुड़ी संवेदनशीलता का हवाला देते हुए शुरुआती चरण में यह जानकारी देने में असमर्थता जताई थी। इसके चलते एनएचएआइ अपने दोलेन मार्ग की विस्तृत योजना को अंतिम रूप नहीं दे पा रहा है।
फोरलेन बनाना संभव नहीं
अब दोनों विभागों के केंद्रीय मंत्रालयों के स्तर पर होने वाली संयुक्त बैठक से समाधान की उम्मीद है। गतिरोध जारी रहने से मनाली के लोगों को बायें तट के नए मार्ग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल उन्हें दायें तट के मार्ग पर निर्भर रहना होगा। इस ओर पर्याप्त भूमि न होने से फोरलेन बनाना संभव नहीं है।
दूसरी ओर ब्यास का रौद्र रूप
ब्यास नदी के बदलते और रौद्र रूप से पिछले कुछ वर्षों में दायें तट का मार्ग भी भारी क्षतिग्रस्त हुआ है। इन्हीं दिक्कतों के मद्देनजर एनएचएआइ ने बायें तट पर दोलेन मार्ग का विकल्प चुना था। योजना के अनुसार, मनाली जाने वाले वाहन दायें तट से और वापसी में बायें तट के नए मार्ग से गुजरेंगे। अलाइनमेंट का पेंच सुलझने तक यह वैकल्पिक यातायात व्यवस्था शुरू नहीं हो सकेगी।
रेलवे लाइन और प्रस्तावित मार्ग की अलाइनमेंट एक ही क्षेत्र में आने से तकनीकी अड़चनें आ रही हैं। समाधान के लिए उच्चस्तर पर पत्राचार और चर्चा जारी है।
-दिगव्रत सिंह, उपमहाप्रबंधक, एनएचएआइ, मंडी।
