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मनाली फोरलेन: झलोगी टनल पर NHAI और कंपनी के बीच डेढ़ वर्ष बाद थमेगा विवाद, नागचला से पंडोह तक संवरेगा मार्ग

By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
Published: Fri, 30 Oct 2026 06:36 AM (IST)

कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर झलोगी सुरंग की मरम्मत को लेकर एनएचएआई और निर्माण कंपनी के बीच डेढ़ साल से चला आ रहा विवाद अब दिल्ली मुख्यालय में सुलझेगा।

कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर झलोगी टनल का मुद्दा सुलझने की उम्मीद है। प्रतीकात्मक फोटो

कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर झलोगी टनल का मुद्दा सुलझने की उम्मीद है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. झलोगी सुरंग मरम्मत विवाद अब NHAI मुख्यालय में सुलझेगा।

  2. नागचला-पंडोह मार्ग पर सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया गया।

  3. बिजणी-पद्धर सुपर हाईवे नवंबर तक वाहनों के लिए खुलेगा।

जागरण संवाददाता, मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के अहम हिस्से झलोगी सुरंग के भविष्य को लेकर गतिरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सुरंग के डिजाइन और मरम्मत को लेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच पिछले डेढ़ वर्ष से चल रहे विवाद का निपटारा अब सीधे दिल्ली स्थित एनएचएआई मुख्यालय में होगा। एनएचएआई चेयरमैन की अध्यक्षता में कंपनी और प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

मरम्मत कार्य पर फंसा है पेच

वर्ष 2025 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा के कारण झलोगी सुरंग का पोर्टल पहाड़ी से भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से मरम्मत और इसके सुदृढ़ीकरण के कार्यों को लेकर दोनों पक्षों के बीच पेच फंसा हुआ है। 

कंस्ट्रक्शन कंपनी मरम्मत कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय बजट की मांग कर रही है तो एनएचएआइ का रुख स्पष्ट है कि कार्य मूल टेंडर के प्रविधानों और शर्तों के तहत ही पूरा किया जाना चाहिए।

क्षेत्रीय अधिकारी ने लिया जायजा

इस बीच, एनएचएआई के शिमला क्षेत्र के क्षेत्रीय अधिकारी कर्नल अजय बरगोटी ने कीरतपुर मनाली और पठानकोट मंडी फोरलेन पर चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने नागचला से पंडोह तक के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग के सुंदरीकरण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस पूरे खंड के विकास कार्यों की खुद सीधी निगरानी कर रहा है। इसके तहत नागचला-पंडोह मार्ग पर ढलानों और किनारों को सुंदर बनाने के लिए हरी घास (टर्फिंग) उगाने, विशेष साफ-सफाई रखने तथा दीवारों पर रंग-रोगन करने के निर्देश दिए हैं। 

नवंबर में खुलेगा बिजणी से पद्धर मार्ग

दूसरी ओर, पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के अंतर्गत बिजणी से पद्धर के बीच निर्मित करीब 19 किलोमीटर लंबे सुपर हाईवे को नवंबर में हर हाल में वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल और सुचारु करने के आदेश कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिए हैं। मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा और जलभराव के कारण इस मार्ग को कई स्थानों पर क्षति पहुंची थी।

भविष्य में पानी के जमाव से सड़क को बचाने के लिए मार्ग के दोनों किनारों पर मजबूत निकास नालियों के निर्माण के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा द्रंग क्षेत्र के समीप बार-बार हो रहे भूस्खलन की समस्या का स्थायी और वैज्ञानिक समाधान ढूंढने के लिए विशेषज्ञों से विशेष अध्ययन करवाया जाएगा।

क्षेत्रीय अधिकारी शिमला ने दोनों मार्गों का निरीक्षण कर कई दिशा-निर्देश दिए हैं। इन सभी पर काम शुरू हो गया है।
-दिगव्रत सिंह, उपप्रबंधक, एनएचएआई मंडी।

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