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IIT मंडी के स्टाफ सहित कई लोगों से 10 करोड़ की ठगी, 10 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर पैसा ऐंठ नेपाल भागा शातिर

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 17 Sep 2026 01:46 PM (IST)

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आईआईटी मंडी के फैकल्टी सदस्यों और स्थानीय लोगों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ...और पढ़ें

आईआईटी मंडी के स्टाफ से करोड़ों रुपये की ठगी हुई है। प्रतीकात्मक फोटो

आईआईटी मंडी के स्टाफ से करोड़ों रुपये की ठगी हुई है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी।

  2. आईआईटी मंडी के फैकल्टी सदस्य और स्थानीय लोग हुए शिकार।

  3. आरोपी अनिल गौरव धोते निवेशकों के पैसे लेकर नेपाल भागा।

जागरण संवाददाता, मंडी। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर शातिर ने आइआइटी मंडी के फैकल्टी सदस्यों और स्थानीय लोगों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। आरोपित अनिल गौरव धोते महाराष्ट्र का रहने वाला है और निवेशकों के पैसे लेकर नेपाल भाग गया है। निवेशकों की शिकायत पर पद्धर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। ठगी का शिकार हुए आइआइटी के फैकल्टी सदस्यों ने अभी चुप्पी साध रखी है और कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।

भारी मुनाफे का दिया था झांसा

आरोपित ने खुद को बड़ा ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर लोगों को जाल में फंसाया। उसने निवेशकों को हर महीने पांच से 10 प्रतिशत तक ब्याज और भारी मुनाफे का झांसा दिया था। शुरुआत में कुछ लोगों को रिटर्न देकर विश्वास जीता। इसके बाद आइआइटी के कई प्रोफेसरों और कर्मचारियों ने भी पैसा उसके पास जमा करवा दिया। 

ठगी का आंकड़ा 10 करोड़ के पार

इस गड़बड़झाले का पता जनवरी में चला था जब पद्धर निवासी व्यक्ति ने पुलिस में 35 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो कई अन्य मामले सामने आते गए। ठगी का यह आंकड़ा 10 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। 

निदेशक के साथ देखा गया था कई कार्यक्रमों में

आरोपित धोते को आइआइटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा के साथ कई आधिकारिक व गैर-आधिकारिक कार्यक्रमों में देखा गया था। इससे निवेशकों का उस पर भरोसा मजबूत हुआ। घटना के बाद संस्थान के निदेशक विवादों के घेरे में आ गए हैं। इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो रहे वीडियो में भी लोग जांच की मांग कर रहे हैं। 

50 लाख का लोन लेकर कर दिए इन्वेस्ट

बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति ने बैंक से कारोबार के लिए 50 लाख रुपये का ऋण लिया था। प्रलोभन में आकर उसने भी ट्रेडिंग में रुपये लगा दिए। अब बैंक का ब्याज भरना पड़ रहा है। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।

वहीं आइआइटी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा राज्य से बाहर है और उनका मोबाइल स्विचआफ है।

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