यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आइआइटी मंडी में सात करोड़ से स्थापित होगा टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब
आइआइटी मंडी को टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब स्थापित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने 7.25 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

जागरण संवाददाता, मंडी : आइआइटी मंडी को टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब स्थापित करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने 7.25 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। हब स्थापित होने से प्रोजेक्ट कंप्यूटर प्रौद्योगिकी (इंटरफेस) के डिजाइन एवं विकास, मनुष्य (यूजर) और कंप्यूटर के आपसी संबंधों पर शोध होगा। इसके अलावा मानव संसाधन और कौशल विकास व उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा। एचसीआइ कंप्यूटर के साथ मनुष्य के परस्पर संबंध के विभिन्न माध्यमों और उन डिजाइन तकनीकों पर केंद्रित है जो मनुष्य को नए तरीके से कंप्यूटर के साथ आपसी संबंध बनाने में मदद करती हैं।
प्रधान परीक्षक टीआइएच एवं एसोसिएट प्रो. आइआइटी मंडी डॉ. वरुण दत्त ने कहा कि एचसीआइ और संबद्ध क्षेत्रों में विश्व प्रमुख संस्थान बनने का संस्थान के पास यह एक बड़ा अवसर है। शिवालिक पहाड़ियों में बसे संस्थान ने हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों दूर करने का मिशन बनाया है। इसमें इनोवेशन हब बनने से कुछ प्रौद्योगिकी में पहाड़ी क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एचसीआइ में शोध के लिए बौद्धिक विशेषज्ञता का विकास करेंगे। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निग के ज्ञान का लाभ लेंगे। केंद्र सरकार की अन्य पहलों के साथ जुड़ कर लक्षित क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों और अत्यधुनिक तकनीक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक इनोवेशन का मंच प्रदान करेंगे।