विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर अतिक्रमण और अवैध रास्तों पर हाई कोर्ट सख्त, NHAI को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
Published: Fri, 02 Oct 2026 06:28 AM (IST)

हिमाचल उच्च न्यायालय ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर अवैध रास्तों और अतिक्रमण को लेकर सख्ती दिखाई है। अदालत ने एनएचएआई को ...और पढ़ें

फोरलेन पर अतिक्रमण और अवैध रास्तों पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। प्रतीकात्मक फोटो

फोरलेन पर अतिक्रमण और अवैध रास्तों पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. उच्च न्यायालय ने फोरलेन पर अवैध रास्तों, अतिक्रमण पर सख्ती दिखाई।

  2. एनएचएआई को मंडी प्रशासन के आंकड़ों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।

  3. सुंदरनगर, बल्ह में कई अवैध रास्ते और अतिक्रमण हटाए गए।

जागरण संवाददाता, मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सुरक्षा को ताक पर रखकर बनाए गए अवैध रास्तों और अतिक्रमण के विरुद्ध प्रदेश उच्च न्यायालय में सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष जनहित याचिका मदन लाल बनाम भारत सरकार व अन्य पर सुनवाई हुई। अदालत ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को निर्देश दिए हैं कि वह मंडी जिला प्रशासन द्वारा पेश किए गए आंकड़ों की धरातल पर जांच कर अपनी रिपोर्ट अगली तिथि पर दाखिल करे।

सुंदरनगर और बल्ह में आधे से अधिक अवैध रास्ते साफ

अदालत में मंडी के उपायुक्त की ओर से दाखिल हलफनामे के हवाले से बताया गया कि सुंदरनगर उपमंडल में 117 में से 61 अवैध रास्तों और 43 में से 23 अतिक्रमण को हटा दिया गया है। इसी प्रकार बल्ह क्षेत्र में 47 में से 30 अवैध रास्तों और 21 में से 12 अतिक्रमणों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

इसके अतिरिक्त, सदर क्षेत्र में 10 अवैध होर्डिंग व बोर्ड हटाए गए हैं, जबकि अतिक्रमण और अवैध रास्तों के 51 मामले अभी भी कार्रवाई के दायरे में लंबित हैं।

एनएचएआई और कुल्लू प्रशासन की रिपोर्ट पर टिकी नजरें 

सुनवाई के दौरान एनएचएआइ के वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि सड़क सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सभी अवैध रास्तों और कब्जों को समयबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। इस संबंध में एक नया हलफनामा भी पेश किया जाएगा। साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एनएचएआइ यह रिपोर्ट दे कि उपायुक्त मंडी का शपथपत्र जमीनी हकीकत को सही रूप से दर्शाता है या नहीं। 

उधर, राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को अवगत कराया कि कुल्लू के उपायुक्त की ओर से भी आवश्यक शपथ पत्र कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर तय की है।

यह भी पढ़ें: भानुपल्ली-बिलासपुर ब्रॉडगेज रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचनाएं रद, हिमाचल हाई कोर्ट का आदेश