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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal Weather: मानसून की पहली बारिश से हिमाचल में हुआ काफी नुकसान, मंडी में 100 से अधिक मार्ग बाधित

By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma
Published: Sun, 25 Jun 2023 07:32 AM (IST)

Himachal Weather हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली बारिश से काफी नुकसान हुआ है। मंडी में 100 से अधिक मार्ग ...और पढ़ें

मानसून की पहली बारिश से हिमाचल में हुआ काफी नुकसान
मानसून की पहली बारिश से हिमाचल में हुआ काफी नुकसान

मंडी/कुल्लू/केलंग, जागरण टीम: मानसून की पहली वर्षा ने मंडी, कुल्लू व लाहौल स्पीति जिले में काफी नुकसान किया। मलबा गिरने से मंडी जिला के सात मील में कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर कई घंटे तक एकतरफा यातायात रहा। मंडी जिले में 100 से अधिक मार्ग बाधित व 270 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। बल्ह में दो बीघा भूमि में टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। पंडोह बांध के एक गेट से शनिवार को करीब 11000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

प्रशासन ने लोगों व पर्यटकों को नदी किनारे न जाने की एडवाइजरी जारी की

126 मेगावाट क्षमता के लारजी बांध के सभी गेट रविवार सुबह छह बजे खोल दिए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों व पर्यटकों को नदी किनारे न जाने की एडवाइजरी जारी की है। जोगेंद्रनगर के समखेतर नाले में जलस्तर बढ़ने से कलवर्ट बह गया, जिससे करीब 30 मीटर सड़क भी बह गई। लोक निर्माण विभाग धर्मपुर के तहत 64 सड़कें बाधित हैं। चार सड़कें खड्ड में बह जाने के कारण करीब चार महीने वाहनों का आवागमन नहीं होगा।

45 पेयजल व सिंचाई योजनाएं प्रभावित

45 पेयजल व सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पद्धर के छह संपर्क मार्ग सहित कटिंडी-कमांद-बजौरा मार्ग बाधित हो गया। कमांद के साथ लगते शालगी के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने से मार्ग करीब आठ घंटे से भी ज्यादा समय तक बंद रहा। लडभड़ोल के खद्दर-बल्हडा में नाले का पानी मलबे के साथ घर में घुस गया। सियूण में घर का डंगा ढह गया। सरकाघाट की पंचायत डरवाड़ में पीएचसी की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। एक मकान पर मलबा आ गया।

16 बस रूट बंद

मिक्सर भी दब गया। दो पशुशालाओं को नुकसान पहुंचा है। सरकाघाट डिपो के 16 बस रूट बंद हैं। राजस्व विभाग ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं। वहीं, कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के जिगराई नाले में जलस्तर बढ़ने से पुलगा की ओर गए पर्यटकों के वाहन भी फंस गए। क्रेन के जरिये वाहनों को नाले के दूसरे ओर निकाला गया। उधर, पट्टन घाटी के रांगवे नाले में बाढ़ से केलंग-उदयपुर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से यातायात ठप हो गया।

सीमा सड़क संगठन ने शनिवार दोपहर सड़क बहाल कर दी लेकिन दिक्कत बरकरार है। शुक्रवार रात को सूरजताल झील के पास भूस्खलन से बंद मनाली-लेह मार्ग बीआरओ ने बहाल कर दिया है। चंद्रभागा नदी में मलबा जमा होने से झील बन गई है। झील बनने से किसानों के खेत व पेड़ डूब गए हैं।