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धर्मशाला के बाद मंडी में रैगिंग, हॉस्टल में पीटा MBBS प्रशिक्षु, दिल्ली और राजस्थान के दोनों छात्रों पर पहले भी लगे थे आरोप

By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 06 Jan 2026 06:57 AM (IST)Updated: Tue, 06 Jan 2026 11:08 AM (IST)

मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। एमबीबीएस तृतीय वर्ष के दो छात्रों ने द्वितीय ...और पढ़ें

मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज रैगिंग का मामला सामने आया है। प्रतीकात्मक फोटो

मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज रैगिंग का मामला सामने आया है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और मारपीट का मामला।

  2. दो वरिष्ठ छात्रों ने जूनियर छात्र की पिटाई की।

  3. तीनों छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित, जुर्माना और निलंबन।

जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला के बाद मंडी में रैगिंग का मामला सामने आया है। श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज एवं अस्पताल नेरचौक में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के दो प्रशिक्षु डाक्टरों ने द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु डॉक्टर के छात्रावास के कमरे में घुसकर पिटाई की। यह घटना 18 दिसंबर शाम छह बजे की है। पीड़ित प्रशिक्षु डाक्टर शुभम ने इसकी शिकायत अगले दिन छात्रावास के प्रबंधक व थाना बल्ह में दर्ज करवाई थी।

दोनों आरोपितों पर रैगिंग करने का आरोप भी लगाया था। शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट कॉलेज के प्राचार्य को सौंपी थी। इसमें दोनों आरोपितों पर छात्रावास के कमरे में घुसकर जूनियर प्रशिक्षु डॉक्टर की पिटाई किए जाने के आरोप सही पाए गए।

जांच में यह बात भी सामने आई थी कि पीड़ित प्रशिक्षु डाक्टर ने भी दोनों आरोपितों को किसी बात को लेकर भड़काया था। इससे बचने के लिए रैगिंग के आरोप लगाए गए थे। एक आरोपित हर्ष राजस्थान का रहने वाला है। दूसरा प्रशांत कुमार दिल्ली का रहने वाला है।

पहले भी रैगिंग के मामले में रहे थे संलिप्त

दोनों पहले भी रैगिंग मामले में संलिप्त रहे हैं। एंटी रैगिंग कमेटी ने उस समय कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें छह माह के लिए कॉलेज से निलंबित कर दिया था। बाद में कालेज प्रबंधन ने निलंबन की अवधि छह माह से घटाकर तीन माह कर दी थी। इससे आरोपितों के हौसले और बुलंद हो गए थे।

आरोपितों ने पिटाई की बात मानी

पिटाई के मामले में कालेज प्रबंधन ने 30 दिसंबर को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई थी, लेकिन कोरम पूरा न होने से बैठक नहीं हो पाई थी। सोमवार को हुई एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में आरोपितों ने जूनियर प्रशिक्षु डाक्टर की उसके कमरे में घुसकर पिटाई करने की बात मान ली। 

तीनों छात्रावास से निकाले, तीन महीने के लिए निलंबित

साथ में पीड़ित पर भी भड़काने के आरोप व इसे रैगिंग का रंग देने के आरोप तय होने पर एंटी रैगिंग कमेटी ने तीनों को छात्रावास से हमेशा के लिए निकालने, 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाने तथा तीन माह के लिए कॉलेज यानी कक्षाओं से निलंबित करने की सिफारिश की। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कालेज प्रबंधन ने तीनों प्रशिक्षु डाक्टरों को छात्रावास से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

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