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मंडी-पठानकोट फोरलेन: नारला से बिजणी सड़क निर्माण में कमियां, पुल की अप्रोच में दरारों से हादसे की आशंका

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 11 Oct 2026 11:20 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 11 Oct 2026 12:00 PM (GMT+05:30)

मंडी-पठानकोट फोरलेन के पद्धर-बिजणी खंड पर नारला पुल की अप्रोच रोड में दरारें आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जनसुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं।

बिजणी-नारला के बीच हुआ सड़क निर्माण।

बिजणी-नारला के बीच हुआ सड़क निर्माण।

HighLights

  1. नारला पुल की अप्रोच रोड में दरारें मिलीं।

  2. निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

  3. 30 अक्टूबर तक सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

आशीष भोज, पद्धर (मंडी)। पठानकोट-मंडी फोरलेन के पद्धर-बिजणी खंड पर चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जनसुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। नारला पुल की अप्रोच रोड में दरारें आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इसे लेकर नारला-बिजणी फोरलेन संघर्ष समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 30 अक्टूबर तक नुकसान की भरपाई और कमियों को दूर नहीं किया गया तो प्रभावित लोग और जनप्रतिनिधि बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

फोरलेन समन्वय समिति के प्रधान चिंत राम ठाकुर की अध्यक्षता में सदस्यों ने नारला पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान पुल की अप्रोच में दरारें पाई गईं, जिसे समिति ने बड़ा हादसा होने की आशंका जताते हुए गंभीर जनसुरक्षा का मामला बताया। 

समिति ने परियोजना की निगरानी करने वाली एजेंसी सेप्टागन एशिया लिमिटेड की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए पूछा कि क्या इसका कोई निरीक्षण किया गया है और इन खामियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

प्राकृतिक जलस्रोतों के उभरने से बढ़ी चिंता

नवनिर्मित हाईवे के करीब आठ किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड क्षेत्र में बरसात के बाद नए जलस्रोत फूटने से लोग चिंतित हैं। समिति ने सवाल उठाया कि क्या निर्माण से पूर्व प्राकृतिक जलस्रोतों और पानी की उचित निकासी का कोई वैज्ञानिक आकलन किया गया था या नहीं। हालांकि, एनएचएआइ के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जल निकासी के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है।

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