हिमाचल में कांग्रेस का SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन, 13 करोड़ वोटर्स को बाहर करने का आरोप
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

मंडी में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता। जागरण
HighLights
कांग्रेस ने एसआइआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया गया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
जागरण टीम, मंडी/शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध सोमवार को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर विरोध जताया और उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजे। शिमला से लेकर हमीरपुर, ऊना, धर्मशाला हर जगह विरोध प्रदर्शन हुए।
मंडी में कांग्रेस भवन से सेरी मंच होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में कांग्रेस के ध्वज और विभिन्न संदेश लिखी तख्तियां लेकर नारे लगाए। प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के त्यागपत्र की मांग भी उठाई गई। रैली के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने मंडी के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए : सोहन लाल
प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ने किया। सोहन लाल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध पूरे देश में कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआइआर के माध्यम से देश के करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं और इससे लोगों के मताधिकार पर प्रभाव पड़ है।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के त्यागपत्र की मांग करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे प्रश्नों का उत्तर दिया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
एसआइआर मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल रखना और अपात्र लोगों को सूची से बाहर करना है। कांग्रेस इस प्रक्रिया में बड़े स्तर पर नाम हटाए जाने को लेकर प्रश्न उठा रही है और ज्ञानेश कुमार के त्यागपत्र की मांग कर रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में भी कांग्रेस ने इस विषय को लेकर देशभर में प्रदर्शन किए हैं।
25 सितंबर को कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के त्यागपत्र की मांग की थी। वहीं निर्वाचन आयोग अपनी प्रक्रिया को मतदाता सूचियों की शुद्धता और पात्र मतदाताओं को शामिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा पुनरीक्षण बताता है।
