Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    IIT Mandi में योग के साथ G20 व S20 सम्मेलन की शुरुआत, देश व विदेश के लोग ले रहे सम्मेलन में भाग

    By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
    Updated: Wed, 21 Jun 2023 06:27 PM (IST)

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी में बुधवार को योग के साथ जी 20 व एस 20 सम्मेलन की शुरुआत हुई। दस दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन प्रमुख हितधारकों और विशेषज्ञों को एक साथ लाने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर सामूहिक रूप से एक साथ कार्य करने पर चर्चा हुई ताकि समावेशी और दीर्घकालिक विकास के उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति को आगे बढ़ाया जा सके।

    Hero Image
    IIT Mandi में योग के साथ G20 व S20 की शुरुआत, विदेश के लोग भी ले रहे सम्मेलन में भाग

    मंडी, जागरण संवाददाता । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी में बुधवार को योग के साथ जी 20 व एस 20 सम्मेलन की शुरुआत हुई। दस दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन प्रमुख हितधारकों और विशेषज्ञों को एक साथ लाने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर सामूहिक रूप से एक साथ कार्य करने पर चर्चा हुई ताकि समावेशी और दीर्घकालिक विकास के उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति को आगे बढ़ाया जा सके।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कार्यक्रम के शुभारंभ पर योग के शारीरिक और मानसिक लाभ के बारे में पैनल चर्चा और प्रौद्योगिकी के माध्यम से जानकारी दी गई।

    योग देश की धरोहर, अब दुनिया पहचान रही

    आइआइटी मंडी व धनबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत ने कहा कि योग देश की धरोहर है। दुनिया भी अब इसे पहचान रही है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ सम्मेलन का शुभारंभ करना संस्थान की एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल है।

    योग दुनिया के लिए सबसे बेहतरीन भारतीय योगदान है। यह हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

    योग कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका

    सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का किया स्वागत

    आईआईटी के निदेशक प्रो.लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा ने सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कि इस मेगा कार्यक्रम का विषय राज्य एवं देश की प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप की आवश्यकता को ध्यान में रखकर निर्धारित किया गया है।

    योग कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है। जब हम आत्म निरीक्षण करते हैं तो कुछ ऐसा गहरा अनुभव करते है। उसे किसी भाषा या शब्द में वर्णन नहीं किया जा सकता है। आधुनिक विज्ञान अभी एक ऐसे मॉडल का पता लगाने की कोशिश कर रहा है जो इस घटना की व्याख्या कर सके।

    बेहतर मानसिक स्वास्थ्य से व्यक्ति की क्षमताओं की पहचान

    मन और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में पतंजलि योग सूत्र के सार्वभौमिक विचारों के बारे में बात करते हुए आइआइटी खड़गपुर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की डाॅ. ऋचा चोपड़ा ने कहा कि बेहतर मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसी स्थिति है। इसमें एक व्यक्ति अपनी क्षमताओं को समझता है।

    समाज के लिए उत्पादक रूप से काम करने तथा योगदान करने की क्षमता को पहचानता है। पतंजलि के योगसूत्र जिन्हें मानसिक अनुशासन के विज्ञान के रूप में भी जाना जाता है और इसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सार्वभौमिक विचारों का समावेश भी किया जाता है।

    योग प्रदान कर रहा मनोवैज्ञानिक और चिकित्सकीय परिणाम

    हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रो.डा.सतबीर खालसा ने कहा कि योग एक प्राचीन आचरण प्रथा है। इससे मन शरीर की जागरूकता के साथ शारीरिक स्वास्थ्य के कौशल का विकास होता है। योग अभ्यासों के लाभों पर शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक कार्यक्षमता पर अनुसंधान तेजी से बढ़ रहा है।

    योग ऐसे मनोवैज्ञानिक और चिकित्सकीय परिणाम प्रदान कर रहा है जो वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा के दायरे में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

    इन्होंने भी रखे अपने विचार

    आर्ट ऑफ लिविंग के सरकारी कार्यक्रमों और परियोजनाओं की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री पालोमी मुखर्जी ने कहा कि योग को हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की आवश्यकता है। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान मंडी के सहायक निदेशक डॉ. राजेश सांद ने आयुर्वेद के अभिन्न अंग के रूप में योग पर चर्चा की।

    वरिष्ठ विशेषज्ञ मीडिया और राजनीति डा.सुव्रोकमल दत्ता ने योग के माध्यम से सार्वभौमिक भाईचारे और प्रेम के प्रसार पर बल दिया। कार्यक्रम में साक्ष्य आधारित विज्ञान में योग के लाभ विषय पर एक पैनल चर्चा भी हुई।

    मानव कंप्यूटर इंटरेक्शन तकनीक का लाइव प्रदर्शन

    सम्मेलन में योग को लेकर मानव कंप्यूटर इंटरेक्शन आधारित तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया गया। इसमें योगीफाई स्मार्ट मैट, सहायक तकनीक के रूप में नेत्रहीनों के लिए कंप्यूटर विजन आधारित चश्मा (स्मार्टन) व अनुभव तकनीक के रूप में फोटोप्लेथिसमोग्राफी के उपयोग करके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के लिए हेल्थ टेक में एक बाजार.अग्रणी एप्लिकेशन न्यूवर्स के बारे में जानकारी दी गई।