IIT मंडी की उहल हिंदी पत्रिका में मिलेगा सबको लेखन का मौका, हिमाचल की संस्कृति और विरासत को देगा बढ़ावा
Mandi News आइआइटी मंडी देश और विदेश के लोगों को देवभूमि हिमाचल की संस्कृतियहां के रमणीक स्थानों और मनोहारी विरासत से अवगत करवाएगा। संस्थान ने उहल नदी के नाम पर वार्षिक हिंदी पत्रिका उहल प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। इस पत्रिका में सबको लेखन का मौका मिलेगा। पत्रिका के लिए लोग 10 अगस्त तक अपनी रचनाएं संस्थान के हिंदी प्रकोष्ठ को भेज सकते हैं।

मंडी, जागरण संवाददाता: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मंडी देश और विदेश के लोगों को देवभूमि हिमाचल की संस्कृति,यहां के रमणीक स्थानों और मनोहारी विरासत से अवगत करवाएगा। संस्थान ने उहल नदी के नाम पर वार्षिक हिंदी पत्रिका उहल प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। इस पत्रिका में सबको लेखन का मौका मिलेगा। पत्रिका के लिए लोग 10 अगस्त तक अपनी रचनाएं संस्थान के हिंदी प्रकोष्ठ को भेज सकते हैं।
प्रतिभा व साहित्यिक उद्यम को पत्रिका के माध्यम से और तराशा जाएगा
पत्रिका में फिक्शन, नान फिक्शन, कविता, लघु कथा, यात्रा वृतांत, संस्मरण, व्यंग्य, शोध सामग्री प्रकाशित होगी। प्रतिभा व साहित्यिक उद्यम को पत्रिका के माध्यम से और तराशा जाएगा। पत्रिका को मूर्तरूप देने के लिए संस्थान प्रबंधन ने हिंदी प्रकोष्ठ की स्थापना की है। प्रकोष्ठ मंडी जिले के नामी साहित्यकारों व कवियों से रचनाओं के लिए संपर्क करेगा।
रचना हिंदी भाषा में टाइप या अपनी लिखावट में होनी चाहिए
पत्रिका को रोचक बनाने के लिए उनकी राय भी लेगा। रचना हिंदी भाषा में टाइप या अपनी लिखावट में होनी चाहिए। नाम,पता और फोटो भी देना होगा। सामग्री hindicell@iitmandi.ac.in में ई मेल या फिर डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। शीर्ष 10 चयनित रचनाओं को संस्थान प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करेगा। संस्थान के फैकल्टी डा.सौम्या मालविया को पत्रिका का प्रभारी बनाया गया है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।