जागरण संवाददाता, मनाली : एशिया की दूसरी सबसे बड़ी सोसायटी लाहुल स्पीति आलू उत्पादक संघ (एलपीएस) की आमसभा में जमकर लात-घूंसे चले। पुलिस को हस्तक्षेप कर मामला शांत करना पड़ा। मामला इतना बढ़ गया कि जिला पुलिस प्रमुख राजेश धर्माणी को खुद बैठक में आना पड़ा।

दरअसल एलपीएस के सदस्य लंबित चार मुद्दों को लेकर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर पर कार्रवाई करने के लिए दवाब डालते रहे। आखिरकार एलपीएस प्रबंधन को सदस्यों के गुस्से के आगे घुटने टेकने पड़े। सर्वसम्मति से संस्था के पूर्व एमडी की कथित अनियमितताओं को लेकर पुलिस में एफआइआर दर्ज करने का प्रस्ताव पारित किया गया। एलपीएस के निदेशक मंडल को भंग करने, संस्था के मनाली स्थित तीन सितारा होटल की लीज डीड रद करने के साथ इसकी टेंडर प्रक्रिया की जाच करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

संस्था में किसी पर्याप्त शैक्षणिक योग्यता वाले शख्स को एमडी का कार्यभार सौंपने पर भी सहमति बनी। संस्था पर सदस्यों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। हंगामे को देखकर कैबिनेट मंत्री अपना भाषण देकर सभा से निकल पड़े। किसानों की तरफ से जिप सदस्य एवं जनजातीय युवा मंच के जिला अध्यक्ष सुदर्शन जस्पा ने एलपीएस प्रबंधन पर आरोप जड़े। कहा जब पूर्व एमडी के खिलाफ विभागीय जाच में कथित घोटाले बात सामने आ चुकी है तो एफआइआर दर्ज क्यों नही करवाई जा रही है। होटल चंद्रमुखी को बिना टेंडर के ठेकेदार को क्यों दिया गया। एलपीएस के केलाग निवासी 88 वर्षीय किसान सोनम उपासक ने एलपीएस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। तलजोन के किसान राकेश, जहलाम पंचायत प्रधान सुरेंद्र, जसरत के मोहन, हालिंग के सुरेंद्र ने कहा एलपीएस भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। किसानों को विश्वास में लिए बगैर प्रबंधन अपने निजी हित में निर्णय ले रहा है। एलपीएस के कार्यकारी एमडी राजेंद्र कुमार ने सदस्यों की मांगों को मानते हुए प्रस्ताव पारित करने की पुष्टि की है।

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