मनाली फाेरलेन पर अब सुहाना सफर: दयोड़ और हणोगी टनल से दौड़ेंगे वाहन, 1 घंटे में मंडी से कुल्लू का सफर
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर पंडोह और औट के बीच बनी दयोड़ व हणोगी की दो नई सुरंगें सोमवार से वाहनों के ...और पढ़ें

मनाली फोरलेन पर दयोड और हणोगी टनल से ट्रैफिक शुरू हो जाएगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पंडोह-औट के बीच दयोड़ व हणोगी सुरंगें खुलीं।
मंडी से कुल्लू का सफर 20 मिनट कम होगा।
ट्रैफिक जाम और भूस्खलन से मिलेगी राहत।
जागरण संवाददाता, मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले यात्रियों व पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। फोरलेन परियोजना के तहत पंडोह औट के बीच निर्मित दो नई सुरंगों को सोमवार से ट्रायल रन के लिए वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है और अब यात्रियों को पुराने चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाले लंबे जाम और खतरनाक मोड़ों से निजात मिल जाएगी।
पुराने मार्ग पर अब भी करीब साढ़े पांच किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। सुरक्षा मानकों व निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद रविवार को एनएचएआइ व सुरक्षा कमेटी के उच्च अधिकारियों ने इन सुरंगों को शुरू करने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है।
ट्रैफिक जाम और भूस्खलन के खतरे से भी राहत
लगभग 3700 मीटर (3.5 किलोमीटर) कुल लंबाई वाली इन चार सुरंगों के खुलने से फोरलेन का सबसे कठिन माना जाने वाला दयोड़ और हणोगी वाला पैच अब चुटकियों में तय हो जाएगा। इसमें दयोड़ की दो सुरंगों के अलावा दो हणोगी की सुरंगें भी शामिल हैं। इन सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू के बीच का सफर लगभग 20 मिनट और कम हो गया है, अब करीब एक घंटे में यह सफर हो सकेगा। चालकों को बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम और भूस्खलन के खतरे से भी राहत मिलेगी।
मंडी से पंडोह और औट के बीच का मोड़दार सफर अब बेहद सीधा और सुगम हो जाएगा। भूस्खलन संभावित हणोगी माता मंदिर के समीप पुराने तंग रास्ते पर लगने वाले जाम से पूर्ण मुक्ति मिलेगी।
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पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
चारों सुरंगें आधुनिक सीसीटीवी कैमरों, वेंटिलेशन व आपातकालीन निकास प्रणालियों से लैस हैं। एनएचएआइ के इस कदम से स्थानीय निवासियों, टैक्सी आपरेटरों और पर्यटकों में खुशी है। हणोगी सुरंगें में दरारें आने के कारण दयोड़ की सुरंगें भी शुरू नहीं हो पा रही थी। करीब एक माह तक दिन-रात एक कर हणोगी की सुरंगों की मरम्मत की गई। फोरलेन के इस हिस्से के शुरू होने से प्रदेश में पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।
निरीक्षण के बाद दयोड़ और हणोगी की सुरंगों को सोमवार से वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जा रहा है। इन सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू पहुंचने में अब 20 मिनट कम लगेंगे। पुराने मार्ग से भी राहत मिलेगी।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, मंडी।
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