संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर : जोगेंद्रनगर में एक साल पहले पूर्ण बहुमत से काबिज हुई कांग्रेस समर्थित नगर परिषद अपने पार्षदों का विश्वास नहीं जीत पाई है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए आजाद व भाजपा के पार्षदों पर निगाहें टिकी हुई हैं। चुनाव में वार्ड एक लक्ष्मी बाजार से जीत की हैट्रिक लगाकर कांग्रेस समर्थित पार्षद ममता कपूर और वार्ड छह लोअर सेरी से शानदार जीत हासिल करने के बाद पार्षद अजय धरवाल ने अपने दो सहयोगी कांग्रेस समर्थित पार्षद शीला देवी और प्यार चंद के साथ अध्यक्ष का पद संभाला था। एक साल के कार्यकाल में करीब एक करोड़ रुपये के कार्य सभी वार्डों में हुए हैं और अन्य विकास कार्यों की उपलब्धियों पर भी जश्न साल पूरा होने के बाद मनाया जाना था लेकिन इसी बीच अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद अब पार्षदों में घमासान मच चुका है। पूर्व में स्वीकृत नगर परिषद के विकास कार्यों में लिए स्वीकृत बजट पर भी गहमा गहमी होती रही तभी कांग्रेस समर्थित एक पार्षद ने कांग्रेस समर्थित नगर परिषद के खिलाफ बगावत शुरू करते हुए भाजपा और आजाद पार्षद के साथ खड़े हो गए।अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा और कांग्रेस में टकराव के बीच आजाद पार्षद की लाटरी लग सकती है। क्योंकि अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित है और वार्ड तीन कालेज क्षेत्र की आजाद उम्मीदवार चुनाव जीत कर आई प्रेरणा ज्योति महिला पार्षद ही है। हालांकि वार्ड चार समलोट से भाजपा समर्थित पार्षद शिखा भी है। जिला प्रशासन के पास अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद आगामी कार्रवाई स्थानीय प्रशासन की देखरेख में होगी। भाजपा के दो पार्षदों के साथ आजाद औरएक कांग्रेस पार्षद ने बहुमत की दावेदारी ठोकी है।

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