हिमाचल के भाजपा नेता अजय जम्वाल को अब महाराष्ट्र की कमान, पूर्वोत्तर से मध्य प्रदेश तक लहरा चुके हैं परचम
हिमाचल निवासी भाजपा के कुशल रणनीतिकार अजय जम्वाल को अब महाराष्ट्र का नया संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने भाजपा को प्रचंड जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेता अजय जम्वाल। जागरण आर्काइव
HighLights
अजय जम्वाल महाराष्ट्र भाजपा के नए संगठन महामंत्री बने।
पूर्वोत्तर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भाजपा को दिलाई जीत।
जोगेंद्रनगर निवासी अजय जम्वाल कुशल रणनीतिकार के रूप में प्रसिद्ध हैं।
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के जोगेंद्रनगर निवासी भाजपा के कुशल रणनीतिकार अजय जम्वाल का कद पार्टी संगठन में और ऊंचा हो गया है। पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा का आधार स्तंभ खड़ा करने के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पार्टी को प्रचंड जीत दिलाने वाले क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जम्वाल को अब महाराष्ट्र का नया संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया है।
एनडीए शासित महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक एवं चुनावी समीकरण को साधने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने एक बार फिर अपने सबसे भरोसेमंद संकटमोचक पर दांव खेला है।
विरासत में मिली राजनीति और संगठन निर्माण कला
अजय जम्वाल को राजनीति और संगठन निर्माण की कला विरासत में मिली है। उनके पिता स्व. कर्नल गंगा राम जम्वाल भी भाजपा संगठन में विभिन्न उच्च पदों पर रहे, जबकि उनके छोटे भाई पंकज जम्वाल वर्तमान में प्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हैं। जम्वाल की सांगठनिक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी नेतृत्व ने सबसे पहले उन्हें पंजाब और फिर जम्मू-कश्मीर जैसे चुनौतीपूर्ण राज्यों का प्रभार सौंपा था, जहां गठबंधन सरकार बनवाने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
छत्तीसगढ़ में ध्वस्त की थी अभेद्य चुनौती
जम्वाल की असली परीक्षा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में हुई, जहां उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बीच संगठन को न केवल गढ़ने का काम किया, बल्कि भाजपा को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता तक पहुंचाया। इसके बाद जब छत्तीसगढ़ में हार से कार्यकर्ताओं का मनोबल पूरी तरह टूट चुका था और भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार को हराना नामुमकिन माना जा रहा था, तब पार्टी ने चुनाव से डेढ़ साल पहले जम्वाल को क्षेत्रीय संगठन मंत्री बनाकर मैदान में उतारा था।
इतने कम समय में उन्होंने गुटबाजी खत्म कर सभी बड़े नेताओं को एक मंच पर लाया, कोरोना काल में सुस्त पड़े कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया और माइक्रो-लेवल बूथ प्रबंधन से ऐसा चक्रव्यूह रचा कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक वापसी की थी।
मध्यप्रदेश में भी कारगर रही रणनीति
साथ ही मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार की सत्ता बरकरार रखने में भी उनकी रणनीति कारगर साबित हुई थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि महाराष्ट्र के पेचीदा राजनीतिक समर में जम्वाल का यह सांगठनिक कौशल क्या नया कमाल दिखाता है।
