संवाद सहयोगी, कुल्लू : क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अल्ट्रासाउंड के लिए भी मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। दो माह से रेडियोलाजिस्ट के दोनों पद खाली हैं। कुल्लू, लाहुल-स्पीति व मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का दावा करने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में कोरोना महामारी के दौर में चिकित्सकों, लैब तकनीशियन समेत पैरा मेडिकल स्टाफ के 21 पद खाली हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के लिए कुल 178 पद स्वीकृत हैं। इनमें 157 भरे हैं।

अस्पताल में मेडिकल आफिसर हेल्थ के दो स्वीकृत पदों में से एक खाली है। दो माह से रेडियोलाजिस्ट के दोनों पद खाली होने के कारण गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी अस्पताल में नहीं मिल पा रही है। गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में पैसे देकर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं। सीनियर लैब तकनीशियन के स्वीकृत नौ पदों में से छह सेवाएं दे रहे हैं जबकि तीन पद काफी समय से रिक्त हैं। हर दिन प्रयोगशाला के बाहर टेस्ट व रिपोर्ट के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी होती हैं। फार्मासिस्ट का भी एक पद, फिजियोथैरेपिस्ट का एक, सफाई कर्मचारी के पांच पद, चतुर्थ श्रेणी का एक, चालक के तीन पद खाली हैं।

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में कुल्लू जिला सहित लाहुल-स्पीति, पांगी व मंडी के मरीज भी निर्भर हैं। किस विभाग की कितनी ओपीडी

आर्थो : 120 से 130 के बीच, गायनी : 100 से 120, चाइल्ड : 120 से 130, ईएनटी : 70 से 80, त्वचा रोग : 50 से 60 है। टेस्ट रिपोर्ट लेने के लिए भी रोजाना मरीजों के तीमारदारों की कतारें लगी होती हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में वर्तमान समय में 38 मेडिकल आफिसर सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल में रिक्त विभिन्न पदों के संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत करवाया गया है। स्वास्थ्य विभाग जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा प्रयासरत है।

-डा. नरेश, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू।

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