कुल्लू, जेएनएन। घाटी के अधिष्ठाता देवता भगवान रघुनाथ को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के दौरान पहनाए जाने वाले वस्त्रों का चयन माह पहले हो गया था। श्राद्ध के चलते इस बार इनका चयन पहले ही कर लिया गया था। भगवान रघुनाथ के वस्त्र राज परिवार के सदस्य तैयार करते हैं। सात दिन अलग- अलग रंग के वस्त्र भगवान रघुनाथ को पहनाए जाते हैं।

हर वर्ष दशहरा उत्सव के उपलक्ष्य पर राज परिवार के सदस्य भगवान रघुनाथ के लिए उच्च गुणवत्ता के वस्त्रों का चयन करते हैं। इनको तैयार करने यानी इन पर महीन कारीगरी का जिम्मा राज परिवार के सदस्य छड़ीबदार महेश्वर सिंह, उनकी पत्नी, टीका दानवेंद्र्र सिंह व अन्य सदस्यों का होता है। एक छोटी सी माथे पर बांधने वाली पट्टी को बनाने के लिए काफी समय लग जाता है।

कपड़ों के रंग का चुनाव

टीका दानवेंद्र्र सिंह बताते हैं कि इस बार श्राद्ध के चलते भगवान रघुनाथ के वस्त्रों का चयन पहले कर लिया गया था। नवरात्र में इन्हें तैयार किया गया। श्रृंगार के लिए अलग से व्यवस्था होती है। इन कपड़ों का रंग दिन के हिसाब से तय होता है। दानवेंद्र्र सिंह बताते हैं कि वस्त्र तैयार होने के बाद पुरोहित इनकी प्राण प्रतिष्ठा करते हैं, उसके बाद इन्हें भगवान को इनको पहनाया जाता है। सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय उत्सव के दौरान रोज अलग-अलग रंग के वस्त्र पहनाए जाते हैं।

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महिलाओं को नहीं होती इसकी इजाजत 

वस्त्र पहनाने के दौरान पुजारी व राज परिवार के दो सदस्य शिविर में मौजूद रहते हैं। महिलाओं को इस शिविर में रहने की इजाजत नहीं होती है। रहने वालों में छड़ीबदार सहित एक अन्य परिवार का सदस्य शामिल होता है। इस दौरान रोजाना पूजा-अर्चना के बाद यह कपड़े भगवान रघुनाथ को पहनाए जाते हैं। 

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Posted By: Babita kashyap

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