विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लाहुल के आराध्य देव राजा घेपन का पलचान में भव्य देवमिलन, 9 साल बाद 272 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले देवता

By Jaswant Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 12 Aug 2026 06:35 PM (IST)Updated: Thu, 13 Aug 2026 09:28 AM (IST)

लाहुल के आराध्य देव राजा घेपन 9 साल बाद पदयात्रा पर हैं। पलचान में भव्य देव मिलन हुआ। यह धार्मिक ...और पढ़ें

लाहुल के आराध्य देवता राजा घेपन वापस जाते हुए। जागरण

लाहुल के आराध्य देवता राजा घेपन वापस जाते हुए। जागरण

HighLights

  1. राजा घेपन की 9साल बाद 272 किमी की पदयात्रा।

  2. पलचान में देवता दानी, हिडिंबा संग भव्य देव मिलन।

  3. दुर्गम रास्तों, नालों को पार कर मढ़ी पहुंचा काफिला।

जसवंत ठाकुर, मनाली। लाहुल-स्पीति के आराध्य देव राजा घेपन का ऐतिहासिक और अलौकिक काफिला दुर्गम पहाड़ियों, छोटे-बड़े नालों और पुलियों को पार करते हुए वापसी की राह पकड़ते हुए आज रोहतांग के निकटवर्ती पर्यटन स्थल मढ़ी पहुंचा। लाहुल के आराध्य देवता राजा घेपन 9 साल बाद परिक्रमा पर निकले हैं। मलाणा में स्थित अपने भाई जमलू देवता से मिलते हैं। देवता देवलुओं के साथ 272 किलोमीटर की पदयात्रा करते हैं।

पलचान में भव्य देव मिलन

बुधवार को पलचान में देवता दानी के साथ राजा घेपन, माता हिडिंबा और अठारह नाग देवता का भव्य मिलन हुआ। इस दौरान ढोल-नगाड़ों, रणसिंहों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। ग्रामीणों ने देवलुओं के लिए देव भोज का भी आयोजन किया।

Lahaul Raja Ghepan 1

पुलियों और नालों से गुजरे देवलू

देव विधि अनुसार हर कार्य पूर्ण होने के बाद देवी-देवताओं का धार्मिक काफिला रोहतांग की ओर बढ़ा। इस दौरान राहला व मढ़ी के बीच खतरनाक पैदल पुलिया को पार किया। एक जगह देवलुओं ने नाले को पार किया। देवलू और श्रद्धालु बिना किसी आधुनिक सुविधा के दुर्गम रास्तों, नालों और पर्वतीय पगडंडियों को पार कर आगे बढ़े। 

लंबी पदयात्रा कर मलाणा पहुंचे दवलू

इन देवलुओं ने गत 25 जुलाई को लाहुल के शाशेन में स्थित राजा घेपन के देवालय से ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत की थी। अपनी 136 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पूरी कर देवलु मलाणा पहुंचे और देवताओं के मिलन के गवाह बने।

Lahaul Raja Ghepan 2

देव मिलन के बाद वापसी 

देव मिलन के बाद राजा घेपन के धार्मिक काफिले ने वापसी की राह पकड़ी। यह यात्रा स्थानीय संस्कृति और आस्था का एक अनूठा प्रतीक बनी। यह दिव्य काफिला कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक बाधाओं को पार करते हुए बुधवार को रोहतांग के समीप मढ़ी पहुंचा।

क्या कहते हैं देव प्रतिनिधि

राजा घेपन के प्रतिनिधि सुंदर ठाकुर व माता हिडिंबा के पुजारी राजेश व अनुज ने बताया कि बुधवार को देवी-देवताओं की धार्मिक पदयात्रा मढ़ी पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि यात्रा वीरवार को रोहतांग दर्रा पार कर कोकसर पहुंचेगी।

यह भी पढ़ें: बिना जनमत संग्रह पंचायत घर के निर्माण पर हिमाचल हाई कोर्ट ने लगाई रोक, सरकार से जवाब तलब किया