शिमला, राज्य ब्यूरो। संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक से प्रदेश के जल रक्षकों को बड़ी उम्मीदें हैं। जल शक्ति विभाग के अधीन कार्यरत 6500 जल रक्षकों को अभी 3600 रुपये मासिक मानदेय मिलता है। हालांकि सरकार 1026 कर्मियों को अनुबंध पर ले आए है, जिनका जिनका सेवाकाल 12 वर्ष है और आठवीं पास हैं। लेकिन सैकड़ों कर्मी ऐसे हैं, जो आठवीं पास नहीं हैं। वह शैक्षणिक योग्यता में छूट चाहते हैं। इस संबंध में जल रक्षक संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की है। उन्हें मांगपत्र सौंप कर राहत देने की गुहार लगाई है। मांग पत्र में कहा है कि अनुबंध पर आने के लिए 12 वर्ष की जगह सेवाकाल 10 वर्ष का हो।

मानदेय 9300 रुपये किया जाए

संघ ने मांग की है कि जब तक अनुबंध न आ पाएं, तब तक जल रक्षकों को मासिक मानदेय 9300 रुपये दिया जाए। संगठन ने शैक्षणिक योग्यता में एकमुश्त छूट देने का आग्रह किया है।

महासंघ को भी सौंपा मांग पत्र

जल रक्षक संघ ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर से भी मुलाकात की। उन्होंने महासंघ के मुखिया को मांग पत्र सौंपा। उनसे आग्रह किया कि उनकी मांगों को जेसीसी की बैठक में प्रमुखता से उठाया जाए।

कोर्ट से मिली है राहत

जल रक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष बली राम शर्मा ने कहा कि कुछ कर्मी कोर्ट गए थे। कोर्ट से शैक्षणिक योग्यता में छूट देने को लेकर राहत मिली है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कोर्ट के आदेश को जल्द लागू किया जाए।

Edited By: Neeraj Kumar Azad