रिकांगपिओ, संवाद सहयोगी। Trekking Ban in Kinnaur, लगातार हादसों के बाद किन्नौर जिला प्रशासन जागा है। प्रशासन ने मौसम को देखते हुए ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है। उपायुक्त ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा जिला में लगातार ठंड बढ़ रही है। हिमपात की संभावना को देखते हुए ट्रैकिंग खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में आगामी आदेश तक किन्‍नौर के पहाड़ों पर ट्रैकिंग की अनुमति नहीं रहेगी। आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। बीते कुछ दिनाें में ट्रैकिंग के दौरान दो ग्रुप हादसे का शिकार हो चुके हैं। हर्षिल से छितकुल ट्रैक पर आए 11 सदस्‍यीय दल में से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दो को रेस्‍क्‍यू किया गया व दो अभी भी लापता हैं। मौसम की चेतावनी को अनदेखा करना इन पर भारी पड़ा। बारिश बर्फबारी के अलर्ट के बावजूद पर्यटक ट्रैकिंग पर निकल गए व हादसे का शिकार हुए।

इसके अलावा दो दिन पहले सांगला में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से तीन पर्यटकों की मौत हो गई। प्रशासन ने यहां 10 पर्यटकों को रेस्‍क्‍यू कर लिया। लेकिन तीन लोग बर्फीले तूफान की चपेट में आकर जान गंवा बैठे।

सांगला में आज सड़क तक पहुंचाए जाएंगे शव

जिला किन्नौर के सांगला में बर्फीले तूफान में फंसने से मरे तीन पर्यटकों के शव सोमवार शाम तक नीचे नहीं लाए जा सके। अब मंगलवार को शव मार्ग तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। उपायुक्त किन्नौर अपूर्व देवगन ने बताया कि रविवार रात भी क्षेत्र में बारिश और हिमपात हुआ है। इस कारण रेस्क्यू दल को शवों को करछम तक पहुंचाने में परेशानी आ रही है। 18 अक्टूबर को शिमला जिले के रोहड़ू के जांगलिग से दिल्ली, मुंबई व गोवा के 13 पर्यटक किन्नौर जिले के ब्रुआ कंडे होते हुए सांगला के लिए रवाना हुए थे। इस दौरान भारी हिमपात शुरू होने पर वे वहीं फंस गए थे। 23 अक्टूबर शाम को पुलिस को इसकी जानकारी मिली थी और आइटीबीपी व पुलिस का दल बचाव कार्य के लिए रवाना हुआ था। बचाव दल ने 10 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma