भूपेंद्र ठाकुर, सोलन। सोलन का लाल सोना यानी टमाटर ने इस बार किसानों को मालामाल कर दिया है। सब्जी मंडी में टमाटर 4600 रुपये प्रति क्विंटल (प्रति क्रेट करीब 900 रुपये) के हिसाब से बिक रहा है। एक सप्ताह में टमाटर का रेट 80 से 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में टमाटर के रेट में और बढ़ोतरी होगी, क्योंकि दूसरे राज्यों से मांग काफी अधिक आ रही है।

सोलन जिला टमाटर उत्पादन में प्रदेश में अग्रणी है। प्रदेश में होने वाले कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत टमाटर सोलन जिला पैदा करता है। यहां के टमाटर की हिमसोना व हाइब्रिड किस्मों की मांग उत्तर भारत में सबसे अधिक रहती है, जबकि गुजरात, मध्यप्रदेश व राजस्थान में भी यहां के टमाटर की आपूर्ति होती है। इस वर्ष टमाटर का सीजन जून के पहले सप्ताह से शुरू हो गया था। शुरुआत से ही किसानों को काफी अच्छा रेट मिल रहा है। शुरू में ही 3000 रुपये प्रति क्विंटल दाम किसानों को मिला। हालांकि इस दौरान पंजाब व हरियाणा का टमाटर भी मंडियों में आ रहा था, बावजूद इसके पहाड़ी टमाटर काफी अच्छे रेट पर बिका।

इन दिनों पंजाब व हरियाणा से टमाटर की आपूर्ति कम हो गई है। बताया जा रहा है कि इन राज्यों में सूखे की वजह से टमाटर का उत्पादन काफी कम हुआ है, इस कारण सीजन समय से पहले ही सिमट गया। सोलन जिला में करीब पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर का उत्पादन होता है। इसमें करीब चार हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा है। यही वजह है कि यहां के किसानों पर सूखे की मार इतनी अधिक नहीं पड़ी है। रविवार को मंडी में टमाटर 4600 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जो इस सीजन का सबसे अधिक रेट है। जिन किसानों ने बड़े स्तर पर टमाटर का उत्पादन किया है, उन्हें काफी अधिक लाभ होगा।

मार्केट कमेटी सोलन के सचिव रङ्क्षवद्र शर्मा का कहना है कि इन दिनों से दूसरे राज्यों से टमाटर कम आ रहा है, इस कारण स्थानीय टमाटर की मांग बढ़ रही है। सोलन मंडी में प्रतिदिन आठ से 10 हजार टमाटर के क्रेट पहुंच रहे हैं। एक क्रेट में औसतन 20 किलो टमाटर होते हैं। सोलन के अलावा शिमला व सिरमौर जिला से भी किसान टमाटर लेकर यहां आते हैं।

Edited By: Neeraj Kumar Azad