धर्मशाला, जेएनएन। एक तो बेमौसम बारिश, दूसरा साल भर की मेहनत पानी पानी। जी हां कांगड़ा जिले के अलग-अलग इलाकों में शुक्रवार शाम आसमान से खूब आफत बरसी। दिन में हुए अंधेरे ने चालकों को वाहनों की लाइट जगाने पर मजबूर किया तो वहीं खेतों में साल भर की मेहनत को समेट रहे किसान बुरी तरह भीग गए। मौसम के तेवर भी ऐसे थे कि मई की प्रचंड गर्मी में दिसंबर की सर्दी याद आ गई। बहरहाल, धौलाधार की पहाडिय़ां एक बार फिर सफेद हुई हैैं, वहीं मैदानी इलाकों में पानी भरने की खबरें हैैं। धौलाधार की पहाडिय़ों पर हुई बर्फबारी के बाद धर्मशाला शहर का अधिकतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है। इतना ही नहीं शुक्रवार को धर्मशाला शहर में 8.6 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। 

मौसम में आए बदलाव व बारिश के कारण अधिकतम पारे में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि बारिश 8.6 मिलीमीटर दर्ज की गई है। न्यूनतम पारे में कितनी गिरावट आती है ये शनिवार सुबह ही पता चल पाएगा।  -वीरेंद्र शर्मा, प्रभारी स्थानीय प्रयोगशाला धर्मशाला।

किसानों को नुकसान हुआ है और जानकारी जुटाने के लिए फील्ड स्टाफ को निर्देश दे दिए गए हैं। सोमवार तक सारी जानकारी एकत्र करने के बाद ही पता चल पाएगा कि कुल कितना नुकसान गेहूं की फसल को पहुंचा है। -डॉ. एनके धीमान, उपनिदेशक कृषि विभाग पालमपुर।

40 मिनट तक आसमान में चक्कर काटता रहा विमान

खराब मौसम के चलते स्पाइस जेट का विमान करीब 40 मिनट तक आसमान में चक्कर काटता रहा। स्पाइस जेट विमान ने 3:50 पर कांगड़ा हवाई अड्डे में लैैंडिंग करनी थी, लेकिन खराब मौसम के चलते 40 मिनट तक आसमान में ही विमान चक्कर काटता रहा। विमान 4:30 पर उतरा और 4:55 पर दिल्ली के लिए वापस रवाना हुआ।

20 भेड़ बकरियां बही

भारी बारिश के चलते देओल-करर्नाथू सड़क मार्ग में एक पुली के नीचे मलबा फंस जाने से कई घरों में कीचड़ और पानी घुस गया। इसमें करीब छह घरों को नुकसान हुआ है। वहीं, सराजदा गांव में भेड़पालक सुरेश कुमार व अन्य ग्रामीणों की 20 भेड़ बकरियां बाढ़ की चपेट में आईं हैं। हालांकि कुछ को बचा लिया गया है, लेकिन बाकी की अभी तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि देओल से ऊपर सुभाष प्रोजेक्ट को जाने वाली सड़क पर शुक्रवार को भारी बारिश के कारण पानी इक_ा हो गया। जो सीधे देओल गांव की मंगलेश बस्ती में जा घुसा, जिससे कई घरों में पानी घुस गया। ग्रामीण दिनेश मंगलेश, अशोक मंगलेश व काली दास मंगलेश के घरों सहित साथ लगते अन्य घरों में भी पानी घुसने से नुकसान हुआ है। उधर, एसडीएम बैजनाथ रामेश्वर दास ने बताया कि दओल गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुसने की सूचना है। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों का जायजा लिया जा रहा है। भेड़पालकों की भेड़ बकरियों के बाढ़ में बहने की सूचना भी प्राप्त हुई है।

किसानों के चेहरे लटके

बेमौसम बारिश ने किसानों के चेहरों पर मायूसी ला दी है। तीन दिन से मौसम ने जिस प्रकार से करवट बदली है उसने गेेहूं की फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई है। जहां खेतों में खड़ी फसल बारिश से बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है, वहीं जिसकी कटाई हो गई है वह भी पानी से खराब हो रही है। बारिश से हुए नुकसान को लेकर नगरोटा, पंचरुखी, भवारना और बैजनाथ खंडों में व्यापक नुकसान की बात सामने आई है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर एनके धीमान ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के चलते गेहंू की फसल पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

बरोट-घटासणी मार्ग एक घंटा प्रभावित

शुक्रवार दोपहर बाद मौसम में आए बदलाव के चलते क्षेत्र में व्यापक नुकसान की सूचना है। छोटा भंगाल में जहां बरोट-घटासणी मुख्य मार्ग एक घंटा पेड़ गिरने से प्रभावित रहा। इसके अलावा पंचरुखी, पालमपुर, भवारना, तिनबड़, अंद्रेटा, पपरोला में फसलों को नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण दोपहर में भी रात की तरह माहौल बन गया।

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Posted By: Rajesh Sharma