यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टीजीटी कला संघ का 30 सूत्रीय जेसीसी एजेंडा कार्मिक विभाग को भेजा, ये मांगें उठाई
Himachal JCC Meeting टीजीटी कला संघ ने तीस सूत्रीय मांगपत्र प्रदेश हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव राम ...और पढ़ें

शिमला, जागरण संवाददाता। Himachal JCC Meeting, टीजीटी कला संघ ने तीस सूत्रीय मांगपत्र प्रदेश हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह को प्रेषित किया था। 27 नवंबर को जेसीसी की बैठक में टीजीटी कला संघ ने उन 30 मांगों का हवाला दिया है, जिनको जेसीसी के 62 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल नहीं किया गया था। मुख्य सचिव ने संघ के इस मांगपत्र को अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक प्रबोध सक्सेना को भेजा है। टीजीटी कला संघ के महासचिव विजय हीर ने बताया कि संघ शिक्षा विभाग, मुख्य सचिव और सरकार के कई अधिकारियों से इन मांगों पर चर्चा कर चुका है। मांगें पूर्ण करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी सहमति व्यक्त की है।
ऐसे कई मामले हैं, जिनके हल के लिए जेसीसी की बैठक में चर्चा होनी आवश्यक है। पुरानी पेंशन बहाली, नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता, अनुबंध कार्यकाल घटाना या अनुबंध प्रथा समाप्ति, पंजाब वेतन आयोग के लाभ देना जैसे मुद्दे पहले से ही जेसीसी मांगपत्र का हिस्सा हैं।
संघ की मांग है कि 1948 मिडिल स्कूलों में मुख्य अध्यापकों के पद सृजित किए जाएं और टीजीटी को प्रमोट न होने पर 10 साल सेवाकाल पर पहली और 20 साल सेवाकाल पर दूसरी विशेष वेतनवृद्धि दी जाए। कर्मचारियों के लिए अर्जित अवकाश 300 के उपरांत सर्विस लीव बैंक में जमा किए जाएं। कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट दी जाए। प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे से कोई छेड़छाड़ न हो वरना आठ हजार शिक्षकों को खुश करते करते 25 हजार शिक्षक नाराज हो जाएंगे।
