शिमला, यादवेन्द्र शर्मा। Himachal Telemedicine Services, पहाड़ी राज्य हिमाचल की 90 फीसद आबादी गांव में बसती है। उनके लिए बीमारी की हालत में बड़े अस्पतालों में पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में टेलीमेडिसिन सेवा दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे आने-जाने का किराया व समय तो बचता ही है घरद्वार पर विशेषज्ञ परामर्श व उपचार मिल रहा है। ढाई वर्ष के दौरान प्रदेश के दूर दराज के सात जिलों के 75 अस्पतालों के माध्यम से 118777 लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा टेलीमेडिसिन के माध्यम से प्रदान की गई है। ये सुविधा छह विशेषज्ञ चिकित्सक प्रदान कर रहे हैं।

टेलीमेडिसिन के माध्यम से आठ अप्रैल, 2019 से 30 सितंबर, 2021 तक 92389 सामान्य मेडिसन विभाग से संबंधित मामलों, जबकि 22457 शिशु रोग और 3931 महिलाओं को स्त्री रोग से संबंधित परामर्श प्रदान किए गए। टेलीमेडिसिन सेवा कार्य दिवस के दौरान सुबह 9.30 बजे से सायं चार बजे तक प्रदान की जा रही है। इसके लिए मेडिसन, शिशु रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श प्रदान कर रहे हैं।

इन्हें मिला लाभ

  • जिला, संख्या
  • चंबा, 36741
  • सिरमौर, 35036
  • मंडी, 24048
  • शिमला, 8047
  • कुल्लू, 6376
  • कांगड़ा, 5535
  • किन्नौर, 2994
  • कुल, 118777

केस स्टडी-1

किन्नौर की सुनिता ने बताया कि उसका नौ वर्ष का बच्चा बीमार था और जब वह अस्पताल में दिखाने गई तो वहां से शिशु रोग विशेषज्ञ ने उनके बच्चे का उपचार किया परामर्श दिया। इससे उन्हें बड़े अस्पताल के चक्कर काटने की जरुरत नहीं पड़ी और बच्चा भी स्वस्थ हो गया। ये सुविधा ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों के लिए बहुत लाभदायक है।

छह विशेषज्ञ दे रहे सेवाएं

परामल स्वास्थ्य टेलीमेडिसिन सेवा के राज्य प्रभारी मनीष कैंथला का कहना है ढाई वर्ष के दौरान 1,18,777 लोगों को टेलीमेडिसिन से विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है। इसके लिए छह विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma