यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रदेश हाइकोर्ट ने दिए इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की नीलामी के लिए दस्तावेज पूर्ण करने के निर्देश
हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट ने इंडियन टेक्नामैक कंपनी के 2100 करोड़ के टैक्स चोरी के घोटाले को पकड़ने वाले अधिकारी को ...और पढ़ें

नाहन, राजन पुंडीर। हिमाचल प्रदेश में सबसे बड़े 6000 करोड़ के कर कर्ज घोटाले की आरोपी कंपनी की नीलामी का रास्ता साफ हो गया है। हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट ने इंडियन टेक्नामैक कंपनी के 2100 करोड़ के टैक्स चोरी के घोटाले को पकड़ने वाले अधिकारी को इस केस में नीलामी प्रक्रिया तक विशेष जांच अधिकारी नियुक्त किया है। कोरोना काल के बाद हाईकोर्ट ने मामले की फिर से सुनवाई हुई।
अब हाइकोर्ट ने आदेश जारी किए की 23 नवंबर तक इंडियन टेक्नामैक कंपनी से जुड़े सभी दस्तावेज तथा इसकी नीलामी प्रक्रिया से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर हाइकोर्ट में प्रस्तुत की जाए। ताकि उसके बाद नीलामी की प्रक्रिया की तिथि हाइकोर्ट द्वारा घोषित की जाए। विदित रहे कि वर्ष 2014 में आबकारी एवं कराधान विभाग की इकोनामिक इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा जिला सिरमौर के पावटा साहिब के जगतापुर स्थित इंडियन टेक्नामैक कंपनी के टैक्स चोरी के मामले को पकड़ा गया था। जिसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के 2100 करोड़, 15 बैंकों के 1700 करोड़, आयकर विभाग के 750 करोड़, बिजली बोर्ड के 5 करोड़, पीएफ व श्रम विभाग के 5 से 10 करोड़ की राशि इंडियन टेक्नॉमैक के पदाधिकारियों द्वारा गबन की गई थी।
वर्ष 2014 में जब आबकारी एवं कराधान विभाग की इकोनामिक इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा इस कंपनी को सील किया गया। तो उसके बाद कंपनी के पदाधिकारी मामला को हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट लेकर गए। उसके बाद 2017 में पुलिस, सीआइडी ने कंपनी मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। उसके बाद 2018 में हिमाचल हाइकोर्ट में कंपनी को नीलाम करने के आदेश जारी किए। जिसके बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने केंद्रीय एजेंसी हिमकॉन से इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की वैल्यूएशन कराई, जो कि करीब 325 करोड़ के आसपास थी। उसके बाद 2020 में दोबारा से कंपनी की वैल्यूएशन कराई गई। जिसमें कंपनी की कीमत करीब 300 करोड रुपये आंकी गई है।
अभी इस मामले में पुलिस, सीआइडी तथा इंफोर्समेंट विभाग अपनी अपनी जांच कर रहे है। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड में भी पुलिस में मामला दर्ज करवाया कि इंडियन टेक्नोमेक कंपनी द्वारा करीब 5 करोड रुपये के बिजली बिल तथा अन्य देनदारियों बकाया है।जिसके बाद मामले में दोबारा सुनवाई हुई तथा हाल ही में हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट में हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड को कंपनी परिसर में जाकर 132 केवी सब स्टेशन का दौरा करने तथा सब स्टेशन की मशीनरी तथा अन्य उपकरणों की जांच के निर्देश दिए हैं। ताकि बिजली बोर्ड के करीब 5 करोड रुपये की भरपाई 132 सबस्टेशन को विद्युत बोर्ड द्वारा खरीद कर की जा सके।
ज्वाइंट कमिश्नर राज्य कर एवं आबकारी विभाग हिमाचल प्रदेश जीडी ठाकुर नेकहा कि हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट ने 23 नवंबर तक इंडियन टेक्नॉमैक कंपनी से संबंधित सभी दस्तावेज सौंपने के निर्देश दिए हैं। ताकि कंपनी की नीलामी प्रक्रिया की तिथि निर्धारित की जा सके। कुछ समय पूर्व विभाग द्वारा इंडियन टेक्नोमेक कंपनी की दोबारा से वैल्यूएशन करवाई गई। जिसमें कंपनी की कीमत करीब 300 करोड रुपए आंकी गई है।
