पालमपुर, शारदाआनंद गौतम। आपकी आंखों को चश्मे की जरूरत है या नहीं, इसकी जांच के लिए पहले आपको हिमाचल से बाहर बड़े महानगरों में जाना पड़ता था। अब आपको यह सुविधा हिमाचल में ही मिलेगी। यह संभव हुआ है मारंडा स्थित रोटरी आइ हॉस्पिटल की बदौलत। अस्पताल में इस अत्याधुनिक मशीन को स्थापित किया है और यह आंखों की जांच कर रिपोर्ट देगी कि आपको चश्मे की आवश्यकता है या नहीं। अमूमन कई लोग ऐसे हैं जो चश्मे को पहनना पसंद नहीं करते हैं।

लिहाजा वे चश्मे की जगह आंखों में लैंस डाल लेते हैं पर इनकी सौ फीसद शुद्धता जांचने की सुविधा हिमाचल में नहीं थी। आंखों के उपचार के लिए उत्तर भारत में मशहूर रोटरी आइ अस्पताल मारंडा ने इस मशीन को मंगवाकर प्रदेश की जनता को सुविधा प्रदान की है। 30 लाख की कीमत वाली ऑप्टिकल बायोमीटर मशीन को जापान से मंगवाया है। अस्पताल के लीड ऑप्टोमेडिस्ट संदीप जैन ने बताया कि मशीन आंखों में डाले जाने वाले लैंस की शुद्धता को सौ फीसद बताती है। साथ ही यह भी जांच करती है कि चश्मे की जरूरत है या नहीं। उन्होंने बताया कि इससे पहले संस्थान में आंखों की जांच के लिए मरीज को लैटाना पड़ता था पर अब बैठे-बैठे ही आंखों की जांच करवा सकता है। देश के चुनिंदा अस्पतालों में यह मशीनें लगाई गई हैं।

उधर, अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी राघव शर्मा ने बताया कि हिमाचल में इस तरह की यह पहली मशीन है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। क्या है ऑप्टिकल बायोमीटर जापान की तकनीक से तैयार यह मशीन पूरी तरह से ऑटोमैटिक है। मशीन के माध्यम से आंखों की पुतलियों की जांच कर रिपोर्ट दी जाती है। मशीन कंप्यूटर के माध्यम से आंखों की जांच करती है और इससे यह पता चलता है कि आंखों को चश्मे की आवश्यकता है या नहीं। मोतिया¨बद की भी जांच की जाती है।

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