ऊना,जागरण संवाददाता। ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर विकास के लाभ जन-जन तक पहुंचाने में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका अहम है। पंचायती राज संस्थाओं के नव निर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम को भली-भांति समझें ताकि वे अपने उत्तरदायित्व का समुचित निवर्हन कर सकें। यह बात सोमवार को नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए छः दिवसीय वुनियादी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए उपायुक्त राघव शर्मा ने कही।

उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रधानों, उप प्रधानों व वार्ड सदस्यों से आह्वान किया कि वह पांच साल में योजना चरणबद्ध तरीके से बनाएं और उसमें लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से लें। सरकार द्वारा कई परियोजनाएं चलाई गई हैं जिसमें एक वर्ष पांच काम योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत अपने-अपने कार्य क्षेत्र में कार्य भी करवाएं। शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों का गांव के विकास में अहम रोल होता है, पंचायतें समग्र विकास करवाती है। कोरोना काल में तथा कोविड वैक्सीनेशन में पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही है। जिला परिषद अध्यक्षा नीलम कुमारी ने नवनिर्वाचित प्रधानों, उप प्रधानों तथा वार्ड सदस्यों को प्रशासनिक कार्य, अभिलेख व रजिस्टर, ई-एप्लीकेशन, न्यायिक कार्य, सूचना का अधिकार इत्यादि विषयों पर समुचित जानकारी प्रदान की।

शिविर में इन पंचायतों ने भाग लिया

ग्राम पंचायत मुबारकपुर, मैड़ी खास, कुठियाड़ी, बेहड़ जसवां, टकारला, धंदढ़ी, नंदपुर, अंदोरा अप्पर, लडोली, हंबोली, चूरूडू, कुठेड़ा खैरला, अंदौरा लोअर, चैआर, प्रम्ब, नेहरी नौरंगा व ठठल की 17 पंचायतों के प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्यों के 147 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, जिला परिषद परिषद अध्यक्ष नीलम कुमारी समेत नवनिर्वाचित पंचायत, विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Edited By: Richa Rana