संवाद सहयोगी, धर्मशाला : स्मार्ट सिटी में दोहरी सफाई व्यवस्था के बावजूद शहर के कारोबारी दुकानों का कूड़ा नगर निगम के कर्मचारियों को नहीं सौंप पा रहे हैं। वजह यह है कि दुकानें खुलने का समय नौ बजे है जबकि कूड़ा लेने वाली गाड़ी सुबह सात से आठ बजे के करीब ही बाजार में पहुंच जाती है। हालांकि डोर-टू-डोर व्यवस्था के तहत तय शुल्क दुकानदार अदा कर रहे हैं लेकिन निगम की व्यवस्था के आगे दुकानदार बेबस हैं। मजबूरी में उन्हें दुकानों का कचरा कूड़ादानों में फेंकना पड़ रहा है।

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यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि कूड़ा एकत्र करने वाली गाड़ी दुकानें खुलने से पहले ही बाजार से वाहन घूमकर लौट जाती है। इस कारण दुकानों का कूड़ा नगर निगम को नहीं सौंप पा रहे हैं।

-अरविद रकवाल

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दोहरी सफाई व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं है। दुकानों का कचरा खुद ही कूड़ादानों में फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सुबह नौ से 11 बजे तक बाजार में गाड़ी आनी चाहिए।

-संजीव कुमार

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नगर निगम को चाहिए कि व्यवस्था को दुरुस्त करे। रोजाना कूड़ा उठाने वाला वाहन बाजार में घुमाया जाना चाहिए। दुकानदारों के समय को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

-विनोद बुटेल

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अभी तक मेरे पास इस प्रकार की कोई भी शिकायत नहीं आई है। यदि ऐसा है तो दुकानदार मुझसे स्वयं शिकायत कर सकते हैं, उनकी समस्या का समाधान करवाया जाएगा।

-ओंकार नैहरिया, महापौर नगर निगम धर्मशाला

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दुकानदारों की समस्या के समाधान के लिए मामला आमसभा की बैठक में उठाया जाएगा। दुकानदारों की सुविधा अनुसार बाजार में वाहन को घुमाए जाने का प्रविधान करवाया जाएगा।

-देवेंद्र जग्गी, पार्षद

Edited By: Jagran