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शिमला-मटौर फोरलेन पर अब जरा संभलकर, टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली से कटेंगे गाड़ियों के चालान

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 13 Sep 2026 01:50 PM (IST)Updated: Sun, 13 Sep 2026 02:26 PM (IST)

मटौर-शिमला फोरलेन पर घट्टा टोल प्लाजा पर एनएचएआई ने हाईटेक कैमरे लगाए हैं। अब यातायात नियमों के उल्लंघन और वाहनों ...और पढ़ें

शिमला-मटौर फोरलेन पर तकीपुर में लगे सेंसरयुक्त हाईटेक कैमरा।

शिमला-मटौर फोरलेन पर तकीपुर में लगे सेंसरयुक्त हाईटेक कैमरा।

HighLights

  1. घट्टा टोल प्लाजा पर हाईटेक सेंसरयुक्त कैमरे स्थापित किए गए।

  2. यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-डिटेक्शन प्रणाली से चालान।

  3. वाहन दस्तावेजों की वैधता समाप्त होने पर स्वतः चालान होंगे।

संवाद सहयोगी, कांगड़ा। चालकों को अब यातायात नियमों के पालन के साथ वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेज भी अपडेट रखने होंगे। मटौर-शिमला फोरलेन पर अब घट्टा (तकीपुर) टोल प्लाजा पर भी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सेंसरयुक्त हाईटेक कैमरे स्थापित कर दिए हैं। इनकी मदद से वाहनों की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर ई-डिटेक्शन प्रणाली के तहत चालान किए जाएंगे।

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर तैनात 

एनएचएआई की ओर से देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन और रखरखाव को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए डैशकैम एनालिटिक्स सेवा लागू की गई है। इस हाईटेक तकनीक को देशभर के हजारों किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर तैनात किया गया है। नई व्यवस्था के तहत रूट पेट्रोलिंग वाहनों पर हाई-रेजोल्यूशन सेंसरयुक्त कैमरे लगाए गए हैं।

एक प्लेटफार्म पर मिलेगा डाटा

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, कैमरों से मिलने वाला पूरा डाटा एक केंद्रीय आइटी प्लेटफार्म और डाटा लेक प्लेटफार्म पर एकीकृत किया जाएगा। इससे अधिकारियों को सड़क पर किसी समस्या की तुरंत जानकारी और अलर्ट मिलेगा। इससे सड़कों की मैन्युअल जांच की आवश्यकता कम होगी और मरम्मत कार्य भी तेजी से किए जा सकेंगे।

यातायात नियमों की भी निगरानी होगी

साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। अब घट्टा टोल प्लाजा पर केवल टोल ही नहीं कटेगा, बल्कि वाहनों के दस्तावेज और यातायात नियमों की भी निगरानी होगी।

कैमरों की मदद से नंबर स्कैन कर होगी पूरी पड़ताल

कैमरों की मदद से वाहन का नंबर स्कैन किया जाएगा। वाहन का मोटर वाहन बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), फिटनेस प्रमाणपत्र, वाहन टैक्स और परमिट आदि की वैधता समाप्त होने पर ई-डिटेक्शन प्रणाली के माध्यम से स्वत: चालान किया जा सकेगा।

हेलमेट और सीट बेल्ट पर भी होगी नजर

इसके अलावा हेलमेट, सीट बेल्ट सहित अन्य जरूरी यातायात नियमों पर भी कैमरों की नजर रहेगी। ऐसे में कांगड़ा आने-जाने वाले वाहन चालकों को अपने वाहनों के सभी दस्तावेज अपडेट रखने के साथ यातायात नियमों का पालन करना होगा।

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