जागरण टीम, धर्मशाला : प्रदेश सरकार की स्वीकृति पर सोमवार को 107 दिन के बाद स्कूलों में रौनक लौटी है। कांगड़ा जिले में दसवीं, जमा एक व जमा दो कक्षा के बच्चे सुबह नई ताजगी और उमंग के साथ स्कूल पहुंचे। हालांकि तीनों कक्षा के अलावा पांचवी व आठवीं कक्षा के बच्चों को परामर्श के लिए आने की अनुमति दी है, लेकिन पहले दिन परामर्श के लिए न के बराबर ही बच्चे पहुंचे। कांगड़ा के सरकारी स्कूलों में पहले दिन करीब 4500 विद्यार्थी पहुंचे थे। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्यों को एसओपी का सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश हैं। शिक्षण संस्थानों में कोविड के मामलों पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर बनाई गई कोविड को-आर्डिनेशन कमेटी यह निरिक्षण करेगी। इसमें देखा जाएगा कि विभाग ने जो एसओपी जारी की है, क्या स्कूलों में इसका पालन हो रहा है। यदि किसी स्कूल में नियमों की अवहेलना होती है, तो संबंधित स्कूल प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा रेखा कपूर ने बताया कि विभागीय टीमें और वह खुद ही स्कूलों को निरीक्षण कर रहीं हैं।

वहीं राजकीय छात्र परिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धर्मशाला प्रधानाचार्य अनीश बन्याल ने बताया कि पहले दिन उनके स्कूल में 60 से अधिक बच्चे आए हैं। बच्चों की थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइजेशन के बाद ही हाजिरी लगाई गई है।

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पढ़ाई के प्रति बच्चों ने दिखाई रुचि

पालमपुर : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाहला में दसवीं से 12वीं तक की तीन कक्षाओं के विद्यार्थियों की शिक्षण संबंधित गतिविधियां सुचारू रूप से आरंभ हो गई हैं। प्रधानाचार्या रिकी शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को हाथ धोने और थर्मल स्क्रीनिग के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया गया साथ ही विद्यार्थियों को कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों से अवगत कराया गया। बड़े हर्ष का विषय है कि सभी विद्यार्थी स्वस्थ हैं और बच्चों ने भी पढ़ाई के प्रति विशेष रुचि को प्रदर्शित किया।

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थर्मल स्कैनिंग के बाद मिला स्कूल में प्रवेश ज्वालामुखी: राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ज्वालामुखी की प्रधानाचार्या मंजू चौधरी ने बताया कि स्कूल की सफाई पहले ही करवा दी गई थी और सभी कक्षाओं के कमरों को सैनिटाइज भी करवा दिया गया था। जमा एक और जमा दो के छात्रों का स्कूल आने का टाइम, रिसेस और छुट्टी का टाइम भी अलग अलग है। प्रत्येक बच्चे को थर्मल स्कैनिंग व हाथ सैनिटाइज करने के बाद स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा है। किसी भी विद्यार्थी को पेन, पेंसिल, कापी, किताब, पानी की बोतल और कोई भी चीज शेयर करने की अनुमति नहीं है।

Edited By: Jagran