हिमाचल में होटल चलाना हुआ महंगा, 150% बढ़ी फीस; BJP ने किया हमला
हिमाचल प्रदेश में होटल संचालन शुल्क में 150% तक की वृद्धि पर भाजपा प्रवक्ता विनय शर्मा ने सुक्खू सरकार की ...और पढ़ें

होटलों के सहमति शुल्क में 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी अनुचित: BJP
HighLights
होटल संचालन शुल्क में 150% तक की वृद्धि
भाजपा प्रवक्ता विनय शर्मा ने सरकार की आलोचना की
छोटे होटलों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की चिंता
संवाद सहयोगी, पालमपुर। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और होटल एसोसिएशन पालमपुर के अध्यक्ष विनय शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में होटल संचालन से जुड़े शुल्क बढ़ाने के फैसले पर प्रदेश सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने होटल कारोबारियों पर आर्थिक बोझ डालकर पर्यटन क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ाई हैं। शुल्क में 150 प्रतिशत तक की वृद्धि सरकार की जनविरोधी कार्यप्रणाली दर्शाती है। शर्मा ने कहा कि पर्यटन उद्योग पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।
ऐसे में छोटे होटल संचालकों पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संशोधित शुल्क ढांचे के तहत 10 से 13 कमरों वाले छोटे होटलों का पांच साल का शुल्क 72 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दिया गया है।
इससे संचालकों को पांच साल में 1.08 लाख रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। 20 से अधिक कमरों वाले बड़े होटलों के शुल्क में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। छोटे होटल, होम स्टे और पर्यटन से जुड़े कारोबार हजारों परिवारों की आजीविका का साधन हैं।
सरकार को राहत और प्रोत्साहन देना चाहिए, लेकिन नए शुल्क से कारोबारियों की परेशानी बढ़ रही है। शर्मा ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने, छोटे होटल संचालकों को विशेष राहत देने और शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन उद्योग पर असर नहीं पड़ेगा और स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर सुरक्षित रहेंगे।