शिमला, राज्य ब्यूरो। मौसम विभाग ने इस मानसून सीजन के दौरान पहली बार 27 व 28 जुलाई को भारी से भारी बारिश को लेकर कांगड़ा, मंडी व सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 28 जुलाई को बिलासपुर के लिए भी भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कया है। अन्य सभी जिलों के लिए पांच दिन तक भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट का मतलब है कि पहले से प्रबंध कर लिए जाएं, जिसमें भूस्खलन व पेड़ गिरने के कारण जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसके लिए अस्पताल और आपदा के सारे इंतजाम पहले से कर लिए जाएं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।

मौसम विभाग ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों को नदी-नालों के नजदीक न जाने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण पानी बढऩे की संभावना है। प्रदेश में रविवार रात से शुरू हुआ बारिश का क्रम सोमवार को जारी रहा। दो दिन नाहन में 62.6, बैजनाथ में 60, कांगड़ा में 47, धर्मशाला में 44.4 मिलीमीटर बारिश हुई। लाहुल स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू व सिरमौर में भूस्खलन हुआ है। प्रदेश में 32 सड़कें बंद हैं और पांच ट्रांसफार्मर खराब हैं। दो पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। वहीं, मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुम्मा में पहाड़ी दरकने से दो घंटे यातायात बाधित रहा। घटासनी-बरोट मार्ग पर सोमवार सुबह पुन: मलबा गिरने से मार्ग तीन से चार घंटे के लिए बंद रहा।

 

आज और कल नदी-नालों के किनारे न जाएं लोग

कांगड़ा जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर एहतियाती कदम उठाए हैं और लोगों को नदियों, नालों व खड्डों के किनारे न जाने की हिदायत दी है। प्रशासन ने सभी एसडीएम को सचेत रहने के आदेश दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को पुलिस टीमों के साथ निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।

आपदा प्रबंधन के लिए जिला व उपमंडल स्तर पर होमगार्ड के साथ-साथ वालंटियर्स की टीमें भी गठित की गई हैं। पीडब्ल्यूडी को जेसीबी तथा अन्य उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन प्लान भी तैयार किया है। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों के संपर्क नंबरों की सूची भी तैयार की गई है। उपायुक्त डा. निपुण ङ्क्षजदल ने बताया कि सभी एसडीएम को सचेत कर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी गांववासी या पर्यटक खड्डों के किनारे पर न जा पाएं।

Edited By: Vijay Bhushan