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पंजाब सरकार का हिमाचल के क्रशर कारोबारियों को झटका, अतिरिक्त टैक्स के नाम पर एक से 3 हजार तक की पर्ची काट रहे

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 02:58 PM (GMT+05:30)

पंजाब सरकार द्वारा हिमाचल से आने वाले क्रशर सामग्री पर अतिरिक्त टैक्स लगाने से सीमावर्ती क्षेत्र के करीब 40 क्रशर संचालक प्रभावित हुए हैं।

हिमाचल के क्रशर कारोबारियों को पंजाब सरकार से झटका लगा है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल के क्रशर कारोबारियों को पंजाब सरकार से झटका लगा है। प्रतीकात्मक फोटो

दिनेश शर्मा, ढांगूपीर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश से पंजाब ले जाए जाने वाले क्रशर मेटीरियल पर पंजाब सरकार की ओर से लगाए गए अतिरिक्त टैक्स से सीमावर्ती क्षेत्र के करीब 40 क्रशर संचालक प्रभावित हुए हैं। क्रशर कारोबारियों के अनुसार पंजाब सरकार ने करीब तीन माह पहले हिमाचल से आने वाले क्रशर मेटीरियल पर अतिरिक्त टैक्स लगाया है। 

इसकी वसूली पंजाब के प्रवेश द्वारों पर खनन विभाग द्वारा पर्ची काटकर की जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि यह टैक्स जीएसटी बिल के अतिरिक्त वसूला जा रहा है।

लग रही मोटी चपत

पंजाब के खनन विभाग की ओर से हिमाचल की सीमा से आने वाले ट्रैक्टर से 1000 रुपये, छह टायर वाले वाहन से 2000 रुपये और अन्य मल्टी एक्सेल वाहनों से 3000 रुपये प्रति फेरा वसूला जा रहा है। 

पहले नहीं वसूल होता था टैक्स

कारोबारियों के अनुसार पहले कोई वसूली नहीं की जाती थी। तर्क दिया कि यह टैक्स किस आधार पर वसूला जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें भी नहीं है। क्रशर कारोबारियों का कहना है कि वे तैयार मेटीरियल बेचते हैं और बाकायदा जीएसटी बिल भी जारी करते हैं। अतिरिक्त टैक्स के कारण हिमाचल से पंजाब पहुंचने वाला क्रशर मेटीरियल महंगा हो रहा है।

पंजाब सरकार ने बढ़ाई मुश्किल

कारोबारियों ने कहा कि बरसात के कारण पहले ही कारोबार करीब चार माह तक बंद रहा। अब मौसम अनुकूल होने पर कारोबार ने गति पकड़नी शुरू की थी, लेकिन पंजाब सरकार के टैक्स ने उनकी मुश्किल फिर बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि स्थिति का जल्द समाधान नहीं हुआ तो कई क्रशर उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।

वसूली बंद करने की मांग

क्रशर कारोबारियों ने प्रदेश सरकार से पंजाब सरकार के साथ मामला उठाकर अतिरिक्त टैक्स की वसूली बंद करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस टैक्स का असर केवल हिमाचल के कारोबारियों पर ही नहीं पड़ रहा, बल्कि पंजाब के लोगों को भी क्रशर मेटीरियल महंगे दाम पर मिल रहा है। तर्क दिया कि यदि पंजाब सरकार को अतिरिक्त टैक्स लगाना ही है तो इसे सभी प्रकार की तैयार सामग्री पर समान रूप से लगाया जाए। 

क्रशर कारोबारियों ने कहा कि वे प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में तत्काल समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनके उद्योग बंद हो सकते हैं। उन्होंने हिमाचल सरकार से पंजाब सरकार के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान करवाने की अपील की है।

क्या कहते हैं क्रशर संचालक

अतिरिक्त टैक्स से हिमाचल का क्रशर उद्योग संकट में पहुंच गया है और कई इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं। साथ ही हिमाचल से क्रशर मेटीरियल लेकर पंजाब जाने वाले कारोबारियों और वाहन संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार को यह मामला पंजाब से उठाना चाहिए।
-सर्वजीत सिंह कटोच, क्रशर संचालक।

हिमाचल सरकार का बयान

प्रदेश सरकार मामले की समीक्षा कर रही है। हिमाचल के क्रशर उद्योग से जुड़े लोगों ने टैक्स के संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में मामला दायर किया है, जिसकी सुनवाई अगले कुछ दिन में होगी। प्रदेश सरकार मामले पर नजर रखे हुए है और क्रशर उद्योग से जुड़े कारोबारियों की ओर से उठाए मुद्दे की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।
-हर्षवर्धन चौहान, उद्योग मंत्री हिमाचल प्रदेश।

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