शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Vishansabha Chunav, हिमाचल प्रदेश में सभी राजनीतिक दल 20 नवंबर तक विधानसभा चुनाव करवाने के पक्ष में है। इस संबंध में शुक्रवार को शिमला में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भारतीय चुनाव आयोग की टीम के साथ बैठक हुई। इसमें प्रतिनिधियों ने आयोग को अपने सुझाव दिए। राजनीतिक दलों ने राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के मद्देनजर शीघ्र और पारदर्शिता के साथ चुनाव करवाने का आग्रह किया। इसके लिए जनजातीय क्षेत्रों में हिमपात और कृषि व बागवानी से संबंधित कार्यों का आधार बनाया गया। विभानसभा चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार व चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे के नेतृत्व में हिमाचल के तीन दिवसीय दौरे पर आई आयोग की टीम ने चुनाव संबंधी तैयारियों का जायजा भी लिया।

अधिकारियों के साथ की तैयारियों की समीक्षा

आयोग क टीम ने राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के नोडल अधिकारियों के अतिरिक्त राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ भी चुनाव संबंधी तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इसके बाद राज्य के सभी मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की। उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों ने राज्य में चुनाव के सुचारू संचालन के लिए अपनाए जाने वाले उपायों और आवश्यक कार्यों के बारे में भी विस्तृत प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) दी। आयोग ने राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करवाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों के संबंध में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी बैठक की।

वोटर साथी व आनलाइन प्रश्नोत्तरी का शुभारंभ

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार व चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय, हिमाचल प्रदेश की ओर से मतदाता जागरूकता के लिए विकसित किए गए वोटर साथी तथा आनलाइन चुनाव प्रश्नोत्तरी का भी शुभारंभ किया। यह प्रश्नोत्तरी 23 सितंबर से 10 अक्टूबर तक होगी। पहले तीन विजेताओं को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस अवसर पर उत्सव प्रतीक चिन्ह (लोगो) का भी शुभारंभ किया गया।

कांग्रेस ने किया आचार संहिता शीघ्र लगाने का आग्रह

कांग्रेस लीगल सेल के सदस्य सुशांत कपरेट ने आयोग से चुनाव समय पर करवाने और शीघ्र चुनाव आचार संहिता लगाने का आग्रह किया। आयोग के सामने भाजपा सरकार की ओर से की जा रही फिजूलखर्ची का मामला भी उठाया गया है। प्रदेश में पोलिंग बूथ की संख्या बढ़ाने का भी आग्रह किया है, ताकि अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित किया जा सके।

Edited By: Virender Kumar