शिमला, जेएनएन। प्रदेश में दसवीं व जमा दो कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं मार्च में होंगी। परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को तनाव से दूर रहने के टिप्स स्कूलों में दिए जाएंगे। स्कूलों में 15 जनवरी से 31 मार्च तक परीक्षा पर्व का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से उच्चतर शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि स्कूलों में परीक्षा पर्व का आयोजन किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम की तर्ज पर ही परीक्षा पर्व का खाका तैयार किया गया है। शिक्षकों को ही इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी।

दिखाए जाएंगे मोटिवेटर के वीडियो

विद्यार्थियों को शिक्षाविदों और मोटिवेटर के वीडियो दिखाए जाएंगे। इसके अलावा रेडियो कार्यक्रम, फेसबुक, यू-ट्यूब, ट्विटर के माध्यम से ज्ञानवद्र्धन किया जाएगा। विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि परीक्षा की तैयारी कैसे करें व तनाव से कैसे दूर रहें। एसएमसी, पीटीए के माध्यम से भी इस पर्व का प्रचार किया जाएगा।

चिंता और तनाव के दौर से गुजरते हैं विद्यार्थी

परीक्षाओं के दौरान ज्यादातर विद्यार्थी चिंता और तनाव के दौर से गुजरते हैं। शिक्षाविदों के मुताबिक परीक्षा में तनाव के कई तरह के कारण होते हैं। सारा सिलेबस याद करना होता है और परीक्षा में आने वाले सवालों को लेकर हमेशा अनिश्चितता बनी रहती है। परिवार और दोस्तों को विद्यार्थियों से कई उम्मीदें होती हैं। आगे किसी अच्छे कोर्स में प्रवेश लेने के लिए परीक्षा में अच्छे अंक लाना जरूरी होता है। शिक्षाविदों के अनुसार परीक्षा के दौरान केवल पढ़ाई पर ध्यान दें। यदि पढ़ाई या किसी सवाल को हल करने में दिक्कत है तो अपने शिक्षक से बात करें।

आयोग ने भेजा परीक्षा पर्व का सर्कुलर

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से स्कूलों में परीक्षा पर्व आयोजित करने के लिए सर्कुलर आया है। इसे सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशक, स्कूल प्रिंसिपल, हेडमास्टर के अलावा निजी स्कूलों को भी भेज दिया गया है। इसका मकसद विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करना है। -डॉ. प्रमोद चौहान, संयुक्त निदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग

Posted By: Rajesh Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस