धर्मशाला, दिनेश कटोच। नमस्कार कोविड-19 हेल्पलाइन पालमपुर में आपका स्वागत है। हम आपकी क्या सहायता कर सकते हैं...? बस एक फोन कॉल पर प्रशासन जनता की हर समस्या का समाधान कर रहा है। यह सहायता सिर्फ 10 या 12 घंटे नहीं, बल्कि दिन-रात यानी पूरे 24 घंटे मिल रही है। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में जहां लोगों की जिंदगी थम गई है, ऐसे में उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक नई पहल हुई है। जरूरतमंद लोगों को उनके घर पर ही सुविधाएं प्राप्त हों और उन्हें बाहर न भटकना पड़े, इसे लेकर राहें आसान की आईवीआर यानी इंट्रेक्टिव वाॅयस रिकॉर्डर ने।

पालमपुर उपमंडल प्रशासन की इस हेल्पलाइन ने पांच अप्रैल से सेवाएं देना शुरू कीं। एसडीएम पालमपुर धर्मेश रमोत्रा ने इस पहल में कर्मचारियों समेत स्थाानीय बिक्रम बतरा कॉलेज के विद्यार्थियों को भी जोड़ा। अब तक दो हजार से ज्यादा लोग इस हेल्पलाइन के माध्यम से घर बैठे समस्या का समाधान पा चुके हैं।

प्रदेश का यह पहला सेंटर है, जो लॉकडाउन में इस तरह लोगों की मदद कर रहा है। आम नागरिकों को चिकित्सा, प्रशासकीय, सब्जी, राशन आदि से जुड़ी सुविधा प्रदान की जा रही है। लोगों तक सामान पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों समेत कॉलेज विद्यार्थी भी वालंटियर के तौर पर फील्ड में भी सेवाएं दे रहे हैं। 

कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन चल रहा है व आम जनता को घर पर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में लगाए गए कफर्यू में सुबह आठ बजे से बारह बजे तक ढील मिल रही है। मगर इस दौरान जनता की दुकानों पर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए प्रशासन ने आईवीआर सिस्टम को तैयार किया। 

12 लोगों की टीम हर वक्त मौजूद

आइबीआर सिस्टम में एक नंबर को जारी किया गया है। इस नंबर के साथ आगे दस और नंबरों को रखा गया है। जिस पर यह यह नंबर व्यस्त भी होता है तो कॉल अगले नंबर पर चली जाएगी व लोग हर वक्त अपनी समस्या बता सकते हैं। 24 घंटे यह सुविधा उपलब्ध है। 011-61196361 नंबर फोन जनता के लिए रखा गया है। इस फोन के साथ आगे दस नंबर जोड़े है। इन नंबरों को लैपटॉप के साथ जोड़ा गया है।

कॉलेज छात्र भी दे रहे सेवाएं

आइबीआर सिस्टम में कारगिल शहीद बिक्रम बतरा काॅलेज पालमपुर के छात्र, कार्यालय कर्मी व राजस्व विभाग के अधिकारी भी सेवाएं दे रहे हैं। इसमें दस कर्मियों और उनके निरीक्षण के लिए दो प्रशासनिक अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं। यह अधिकारी किसी समस्या के आने पर अपने स्तर पर उसका समाधान भी कर रहे हैं। अगर यह समस्या उनके स्तर पर न निपटने वाली है तो उसे तहसीलदार और फिर एसडीएम के पास भेजा जा रहा है। अगर समस्या एसडीएम स्तर पर भी हल नहीं हाेने वाली है तो उसे उपायुक्त और सरकार स्तर पर भी भेजा रहा है।

यह सुविधाएं हैं इस हेल्पलाइन में

आप इस हेल्पलाइन के माध्यम से चिकित्सा, सीनियर सिटीजन संबंधी जानकारी, हेल्थ जांच जानकारी, होम डिलीवरी, पास की जानकारी, शिकायत दर्ज करवाने सहित जानकारियां पाने के लिए सात नंबर दिए गए हैं, जिसमें आप किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने के बाद अपनी जरूरत को लेकर बताए गए नंबर पर कॉल करके समस्या का निदान पा सकते हैं।

क्या कहते हैं एसडीएम

पालमपुर के एसडीएम धर्मेश रमोत्रा के अनुसार जनता की मदद के लिए इस हेल्पलाइन को आरंभ किया गया है। यह प्रदेश का पहला प्रयास है। कोरोना महामारी के कारण जनता को घरों के अंदर रखने के लिए ही यह प्रयास प्रशासन ने किया है। 24 घंटे यह सुविधा उपलब्ध है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। अब तक लगभग दो हजार से ऊपर लोग फोन कॉल करके घर पर सुविधाएं प्राप्त कर चुके हैं।

 

बीमार दंपती तक पहुंचाई दवा

पालमपुर उपमंडल के छैन्छड़ी (खैरा) के प्रकाश चंद के लिए पालमपुर प्रशासन का वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र हेल्पलाइन मददगार सिद्ध हुई। प्रकाश चंद अधरंग रोग से ग्रसित हैं और दंपती अकेले ही रहता है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण मुश्किल से जीवन यापन हो रहा था। कर्फ्यू और लॉकडाउन से प्रकाश चंद अपनी दवाई जो मंडी ज़िला के (बटैल) सरकाघाट में मिलती है नहीं ले पा रहे थे। प्रकाश चंद के छोटे भाई को वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र की हेल्पलाइन की जानकारी प्राप्त हुई और उन्होंने सहायता के लिए 7649988000 नंबर पर काॅल कर सारी समस्या बताई। एसडीएम पालमपुर ने मंडी प्रशासन से संपर्क कर दवा मंगवाई।

प्रेरणा मिली तो मनरेगा मजदूर ने दान दिए पांच हजार रुपये

पालमपुर। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हमारी सरकार बहुत कुछ कर रही है। डॉक्टर, नर्सें, पुलिस, प्रशासन, सफाई कर्मचारी दिन-रात मानवता की सेवा में लगे हैं। देशभर के लोग भी इस मुसीबत से पार पाने के लिए सहयोग कर रहे हैं। रोज समाचारों में देखती-पढ़ती थी कि लोग कैसे-कैसे सहयोग दे रहे हैं। पति बीमार हैं, दोनों बेटे भी मेहनत करते हैं और लॉकडाउन में फंसे हैं। चूल्हा-चौका मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर चलता है। देश पर संकट की घड़ी में अपना योगदान देना था, इसलिए लाचारी में भी पालमपुर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के पास पांच हजार रुपये की मदद पहुंचाई है।

यह कहना है मनरेगा मजदूर विद्या देवी का। पालमपुर के छोटे से गांव भरमात की 58 वर्षीय विद्या देवी के जज्बे की राजभवन भी तारीफ कर रहा है। एक महीने में मुश्किल से 3 से 4 हजार कमाने वाली विद्या देवी ने 5 हजार रुपये का सहयोग दिया। प्रदेश के राज्यपाल, बंडारू दत्तात्रेय ने भी स्वयं फोन कर उनके इस सहयोग की सराहना की। एडीएम पालमपुर ने राज्यपाल हिमाचल के दिशा-निर्देशों पर स्वयं विद्या देवी के घर जाकर प्रशस्ति पत्र भेंट किया।

Posted By: Rajesh Sharma

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