जागरण संवाददाता, धर्मशाला : धर्म गुरु दलाई लामा की जन्मतिथि पर मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना होगी। निर्वासित तिब्बती सरकार ने धर्मगुरु की 87वीं जन्मतिथि पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है।

छह जुलाई को होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी भाग लेंगे। इस दौरान मुख्य बौद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद दलाई लामा की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की जाएगी। दलाई लामा 87वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। सुबह नौ बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। दलाई लामा जन्मतिथि पर मुख्य बौद्ध मंदिर में कम ही आते हैं, लेकिन कोरोना काल के दो वर्ष बीतने के बाद वह जन्मतिथि मुख्य बौद्ध मंदिर में ही मनाएंगे। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी सांस्कृतिक प्रस्तुति भी देंगे और यह कार्यक्रम दो घंटे चलेगा।

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कौन हैं दलाई लामा

14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो का जन्म 6 जुलाई, 1935 को पूर्वी तिब्बत में हुआ था। चीन सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण उन्हें तिब्बत छोड़ना पड़ा था। वह 31 मार्च, 1959 को भारत आए थे। वर्तमान में वह कांगड़ा जिले के मैक्लोडगंज में रहकर तिब्बत की संप्रभुता के लिए अहिसात्मक संघर्ष कर रहे हैं। तिब्बत की आजादी के संघर्ष का जो रास्ता उन्होंने 24 वर्ष की आयु में अपनाया था, वर्तमान में उस पर ही आगे बढ़ रहे हैं। 1989 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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