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कांगड़ा में 86 करोड़ रुपये से गज खड्ड पर पुल बनने से 9 KM कम होगी नगरोटा सूरियां से जवाली की दूरी

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 22 Oct 2026 05:53 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में गज खड्ड पर 86.34 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल से नगरोटा ...और पढ़ें

गज खड्ड पर बन रहे पुल का निरीक्षण करते मंत्री चंद्र कुमार व अन्य।

गज खड्ड पर बन रहे पुल का निरीक्षण करते मंत्री चंद्र कुमार व अन्य।

HighLights

  1. गज खड्ड पर 86.34 करोड़ रुपये का पुल निर्माण।

  2. नगरोटा सूरियां-जवाली की दूरी 9 किलोमीटर कम होगी।

  3. क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा।

संवाद सूत्र, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के नगरोटा सूरियां और जवाली क्षेत्र के लोगों को जल्द ही बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। गज खड्ड पर 86.34 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल बनने से नगरोटा सूरियां से ज्वाली की दूरी लगभग 25 किलोमीटर से घटकर 16 किलोमीटर रह जाएगी।

इस तरह कुल 9 किलोमीटर दूरी कम होगी। इससे लोगों के समय और यात्रा खर्च की बचत होगी। साथ ही क्षेत्र में व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। 

मंत्री ने किया निरीक्षण

कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने वीरवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित निर्माण कंपनी और विभागीय अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश सरकार इसे जल्द जनता को समर्पित कर सके।

पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी

प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि गज खड्ड पर पुल का निर्माण नगरोटा सूरियां क्षेत्र के विकास में नया अध्याय जोड़ेगा। बेहतर सड़क संपर्क से नगरोटा सूरियां और ज्वाली क्षेत्र के बीच आवाजाही सुगम होगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

क्षेत्र के लोगों को मिलेगी सुविधा

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुल का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।

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