जेएनएन, ज्वालामुखी। श्री ज्वालामुखी धाम में आयोजित की जा रही रामायण कथा के दूसरे दिन संत मोरारी बापू ने कहा कि मां जगदंबा के नौ रूप और ज्वालाएं भी नौ ही हैं। नौ प्रकार की ज्वालाएं मानव के समक्ष हैं, जिनमें मां ज्वाला देवी सर्वोपरि व सर्वमान्य है। उन्होंने कहा कि अन्य ज्वालाओं में समुद्र के अंदर ज्वाला होती है। क्रोध की ज्वाला, तन की ज्वाला, भूख की ज्वाला सहित इस प्रकार की नौ ज्वालाएं हैं।

रामचरित मानस में भी ज्वाला नाम बड़े सम्मान के साथ लिखा हुआ मिलता है। हिमाचल में मां ज्वाला देवी प्रकाश को विश्व में फैला कर भक्तों को निहाल करती हैं। संत मोरारी बापू ने कहा कि नौ का अंक भी सर्वमान्य है। शास्त्रकारों ने भी मां को नौ रूपों में स्वीकार किया है।

तमसो मां ज्यार्तिगमय। यहां पर भी ज्योति स्वरूप मां जगदंबा विद्यमान है और इसके आगे कई शक्तिशाली शक्तियों का अहंकार चूर हुआ है। वर्तमान में लोगों का संबंध आपस में टूट गया है। मात्र लोगों में अनुबंध रह गया है। वीरवार को एसडीएम ज्वालामुखी राकेश शर्मा, डीएसपी योगेश दत्त जोशी, तहसीलदार जगदीश शर्मा ने कथा में भाग लिया।