संवाद सहयोगी, कांगड़ा : विधायक पवन काजल ने आरोप लगाया कि जिला कांगड़ा से सरकारी कार्यालयों को मंडी शिफ्ट कर प्रदेश सरकार विकास में भेदभाव कर रही है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नूरपुर में स्थापित आइपीएच विभाग के ईएनसी प्रोजेक्ट के कार्यालय को मंडी में अगर शिफ्ट किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आंदोलन शुरू का देंगे। नुरपुर में अभी छोंछ खड्ड, शाहनहर और स्वां खड्ड तटीकरण के कार्य चल रहे हैं ऐसे में ईएनसी के कार्यालय को मंडी जिला में स्थानांतरित करने का फैसला जनविरोधी है। अगर सरकार जिला कांगड़ा से सरकारी कार्यालय मंडी शिफ्ट करने के बजाय वहां पर नए कार्यालय खोलकर बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाती तो अच्छा होता। इन्वेस्टर मीट के नाम पर प्रदेश सरकार प्रचार और प्रसार में लाखों खर्च रही है, जबकि जिला कांगड़ा में सड़कों की हालात दयनीय बनी हुई है। अधिकारी मनमर्जी से लाखों के कार्य बिना टेंडरों के चहेतों को आवंटित कर भ्रष्टाचार को न्योता दे रहे हैं।

विधानसभा में प्रदेश सरकार ने लिखित में उन्हे जबाब दिया है कि गगल एयरपोर्ट में हवाई पट्टी का विस्तार 1372 मीटर से 2000 मीटर करने की योजना है इसमें चार पंचायतें रछयालू, कुठमां, सनौरां व गगल प्रभावित होंगी। पुराना मटौर, इच्छी, जमानाबाद रोड व साथ लगते गांवों के लोग हवाई अड्डे के विस्तार के नाम पर गुमराह न हों। काजल ने प्रदेश सरकार पर बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व कांग्रेस शासन में शुरू बेरोजगारी भत्ता भी भाजपा सरकार ने बंद कर युवा वर्ग से अन्याय किया है।

Posted By: Jagran

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