संवाद सूत्र, संसारपुर टैरेस : सुंदरनगर के सलापड़ क्षेत्र में जहरीली शराब से सात लोगों की मौत के मामले में आरोपों के घेरे में आई संसारपुर टैरेस की शराब निर्माता कंपनी में वीरवार को सहायक आयुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग नूरपुर की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय जांच दल व पुलिस टीम ने दबिश दी। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि सुंदरनगर में बरामद हुई शराब वीआरवी फूड्स कंपनी ने नहीं बनाई थी। शराब माफिया ने बोतलों पर अपना मार्का लगाया था। शराब पंजाब या हिमाचल में कहां तैयार की गई है, इसके लिए टीम जांच में जुट गई है।

जांच में पाया गया है कि वीआरवी कंपनी देसी शराब संतरा ब्रांड की बोतल पर वीआरवी फूड्स लिखती है, जबकि शराब माफिया ने वीआरवी फूल्स लिखा है। मुख्य प्रबंधकराजेश डोगरा ने कहा कि पुलिस की ओर से सुंदरनगर से बरामद की गई शराब कंपनी ने नहीं बनाई है। बकौल राजेश, कंपनी में शराब आबकारी विभाग की देखरेख में आबकारी एवं खाद्य आपूर्ति पदार्थ अधिनियम के मापदंडों के अनुसार बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि कंपनी के हर उत्पाद को राज्य सरकार की ओर से स्थापित प्रयोगशाला से प्रमाणित होने के बाद ही बाजार में बेचा जाता है। प्रारंभिक जांच के बाद आबकारी विभाग ने वीआरवी फूड्स लिमिटेड को उत्पादन व विक्रय की अनुमति प्रदान कर दी है। आबकारी एवं कराधान विभाग के सहायक आयुक्त टिक्कम चंद ने बताया कि दो ईटीओ बाबू राम नेगी और चंद्रशील भूटानी, निरीक्षक मुकेश कुमार व राकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर नकली शराब संबंधी तथ्यों को गहनता से खंगाला लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार का कोई सुराग नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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