भावानगर, संवाद सूत्र। जिला किन्नौर का प्रवेश द्वार चौरा अभी तक भी बहाल नहीं हो पाया है। इससे यहां पर सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। 70 घंटे बाद भी यहां पर राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल नहीं किया जा सका है। भारी-भरकम चट्टानें गिरने से मार्ग को बहाल करने में दिक्कत आ रही है। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैंं।

पुलिस चेक पोस्ट चौरा से थोड़ी दूर रामपुर की ओर मंगलवार रात साढ़े आठ बजे पहाड़ी दरकने से राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया था। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण अखबार, दूध व ब्रैड जैसी जरूरी चीजें भी तीन दिन से किन्नौर नहीं पहुंच पाई हैं। इन दिनों क्षेत्र में सेब सीजन अपने चरम पर है, लेकिन एनएच अवरुद्ध होने के कारण बागवान अपनी फसल मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

एसडीएम भावानगर मनमोहन ङ्क्षसह ने बताया कि चट्टान तोडऩे के लिए ब्लास्ट किए जा रहे हैं। जल्द मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा। मार्ग बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन की भी सहायता ली जा रही है।

जान जोखिम में डाल सड़क पार कर रहे लोग

यात्री भी जान जोखिम में डालकर ब्लाक प्वाइंट पार कर रहे हैं। इससे यहां पर हादसे का खतरा बना रहता है। वाहन चालक यहां पर मार्ग बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए दी जानकारी

भावानगर मिनी सचिवालय में दो दिवसीय समेकित सड़क दुर्घटना डेटाबेस कार्यक्रम का समापन किया गया। यह कार्यक्रम आइआइटी मद्रास की ओर से निर्मित एक वेब एप्लीकेशन है, जिसे जिला सूचना अधिकारी बलवान ङ्क्षसह नेगी के परामर्श पर जिला रोलआउट मैनेजर अश्विनी नेगी के पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया। उपमंडल पुलिस अधिकारी राजू ने जानकारी देते हुए बताया कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी व सड़क की स्थिति में सुधार लाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस उपमंडल भावानगर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न थानों व चौकियों के कुल 18 अन्वेषण अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

Edited By: Virender Kumar