रिकांगपिओ, संवाद सहयोगी। Kinnaur Apple, हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में लगातार दो दिन हुई बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने बागवानों को मोटी चपत लगाई है। किन्‍नौर के ऊपरी इलाकों में सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सेब से लदे पेड़ों पर बर्फबारी होने से फल नीचे गिर गए हैं व कई जगह टहनियां व पौधे भी टूट गए हैं। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई है। गांव व बगीचों में भी बर्फबारी हुई है। बारिश व बर्फबारी बागवानों के लिए आफत बनकर आई है।

अचानक हुई बर्फबारी के कारण सेब से लदे बगीचों में तबाही मचा दी है व सेब सहित टहनियों को भी क्षति पहुंची है। अभी भी किन्नौर में 30 फीसद के करीब सेब का सीजन बाकी है। जिला किन्नौर में सेब यहां के लोगों की नकदी फसल है तथा अधिकांश लोग इसी पर निर्भर हैं। ऐसे में नेसंग, नाको, रिब्बा, कुनु, ठंगी, रोपा, हांगो, आसरंग, रकछम, सांगला कंडे, चांसु व यांगपा के मुसरंग आदि स्थानों पर बर्फबारी से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है।

किन्‍नौर जिला का सेब सबसे अव्‍वल दर्जे का माना जाता है। किन्‍नौर में सबसे देरी से सेब सीजन शुरू होता है। इन दिनों यहां सेब का तुड़ान जोरों पर है व लगभग सभी बागवानों की फसल पककर तैयार हो चुकी थी। लेकिन एकाएक हुई बर्फबारी व तूफान ने बागवानों की सालभर की मेहनत मिट्टी में मिली दी है।

हिमाचल प्रदेश के अन्‍य हिस्‍सों की बात करें तो कुल्‍लू, भरमौर व शिमला में सेब का सीजन लगभग खत्‍म हो चुका है। लेकिन किन्‍नौर में सेब सीजन चरम पर था। हालांकि ज्‍यादातर बागवानों ने अपनी फसल बेच दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में जो बागवान बचे थे, उन्‍हें नुकसान झेलना पड़ा है।

उपायुक्‍त किन्‍नौर आबिद हुसैन सादिक का कहना है प्रशासन व बागवानी विभाग को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। बागवानों को जरूरी राहत दी जाएगी।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma