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कांगड़ा घाटी रेल: नवरात्र में फिर शुरू हो सकती है ट्रेन सेवा, इंजन ट्रायल सफल; 2 अक्टूबर को अंतिम निरीक्षण होगा

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 30 Sep 2026 02:20 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में रेल सेवा के नवरात्र में फिर से शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे ने इंजन भेजकर सफल ट्रायल किया है।

कांगड़ा घाटी रेल सेवा फिर बहाल होने की उम्मीद जगी है। प्रतीकात्मक फाेटो

कांगड़ा घाटी रेल सेवा फिर बहाल होने की उम्मीद जगी है। प्रतीकात्मक फाेटो

HighLights

  1. कांगड़ा घाटी रेल सेवा नवरात्र में शुरू होने की उम्मीद जगी।

  2. पठानकोट-ज्वालामुखी रोड और बैजनाथ-कांगड़ा ट्रैक का सफल ट्रायल।

  3. 2 अक्टूबर को सांसद और डीआरएम करेंगे रेल ट्रैक का निरीक्षण।

संवाद सूत्र, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी रेल के फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर लंबे समय से बंद रेल सेवा के नवरात्र के दौरान फिर से पटरी पर लौटने की आस है। बुधवार को रेलवे ने रेल इंजन भेजकर पठानकोट से ज्वालामुखी रोड तथा बैजनाथ से कांगड़ा रेलवे स्टेशन तक ट्रैक का ट्रायल किया।

सांसद व डीआरएम 7 कोच वाली ट्रेन में करेंगे निरीक्षण

अब 2 अक्टूबर को लोकसभा सांसद डा. राजीव भारद्वाज, उत्तर रेलवे मंडल जम्मू के डीआरएम विवेक कुमार और रेलवे इंजीनियरों के साथ सात कोच वाली रेलगाड़ी में पठानकोट से बैजनाथ तक रेल ट्रैक का दूसरा और अंतिम निरीक्षण करेंगे। 

सुरक्षा निरीक्षण और आवश्यक क्लीयरेंस सफल रहने के बाद बैजनाथ-पठानकोट के बीच दो जोड़ी तथा बैजनाथ-ज्वालामुखी रोड के बीच एक जोड़ी रेलगाड़ी चलाने की योजना है।

ज्वालामुखी रोड-कोपड़लाहड़ के बीच ट्रैक का होगा जायजा

सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने बताया कि दो अक्टूबर को होने वाले निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से ज्वालामुखी रोड और कोपड़लाहड़ के बीच भूस्खलन प्रभावित रेल ट्रैक का जायजा लिया जाएगा। संभावित क्षतिग्रस्त क्षेत्रों के स्थायी समाधान को लेकर रेलवे इंजीनियरों के साथ चर्चा की जाएगी, ताकि कांगड़ा घाटी में रेल सेवा को वर्षभर बिना बाधा संचालित किया जा सके।

क्या कहते हैं रेलवे अधिकारी

उत्तर रेलवे मंडल जम्मू के जनसंपर्क निरीक्षक राघवेंद्र ने बताया कि बुधवार को रेल इंजन भेजकर पहला ट्रायल लिया गया है। दो अक्टूबर को सांसद डा. राजीव भारद्वाज, डीआरएम विवेक कुमार और रेल इंजीनियर सात कोच वाली रेलगाड़ी से ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण सफल रहने के बाद रेलगाड़ी चलाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सभी रेलगाड़ियों को एक साथ बहाल करने में अभी समय लगेगा तथा चरणबद्ध तरीके से अन्य रेलगाड़ियों को भी बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।

संघर्ष समिति बोली- सात जोड़ी रेलगाड़ियां बहाल होने तक जारी रहेगा आंदोलन

रेल सेवा बहाल होने की संभावित कवायद से क्षेत्र के लोगों में उत्साह है। लंबे समय से बंद रेल सेवा को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की यह प्रक्रिया यात्रियों के लिए राहत का आधार बन सकती है। हालांकि, कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने प्रस्तावित तीन जोड़ी रेलगाड़ियों को पर्याप्त नहीं माना है।

कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि यदि बैजनाथ से पठानकोट के बीच दो जोड़ी रेलगाड़ियां चलाई जा सकती हैं तो चक्की खड्ड पुल क्षतिग्रस्त होने से पहले की तरह सात जोड़ी रेलगाड़ियां क्यों नहीं चलाई जा सकतीं। उन्होंने कहा कि समिति की मांग कांगड़ा घाटी की सात जोड़ी रेलगाड़ियों की पूर्ण बहाली की है। जब तक सभी रेलगाड़ियां बहाल नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।

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