संवाद सहयोगी, पालमपुर : पूर्व विधायक प्रवीण कुमार ने कहा कि यदि जनगणना-2012 की अधिसूचना जारी न होती, तो आज पालमपुर नगर निगम होता और स्मार्ट सिटी भी धर्मशाला के बजाए पालमपुर ही बनना था। प्रदेश शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी की ओर से सार्वजनिक मंच से पालमपुर को नगर निगम बनाने की बात से लोगों में उम्मीद बंधी है। प्रवीण कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पालमपुर को नगर निगम बनाना, एक दृढ़ राजनैतिक इच्छा शक्ति का निर्णय है। उन्होंने कहा कि सुनने में आ रहा है कि नगर निगम का एरिया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रस्तावित नगर निगम की हद एवं सीमा संबंधित वार्डबंदी एरिया उन्होंने बतौर विधायक तत्कालीन उपमंडल अधिकारी (नागरिक) रितेश चौहान को सौंपा था। ऐसे में नगर निगम का ड्राफ्ट पहले ही संबंधित विभाग के पास फाइलों में धूल चाट रहा है। नगर निगम के लिए नया ड्राफ्ट तैयार करने का निर्णय इसमें देरी करने के समान है।

पूर्व विधायक ने माना कि उस समय नगर परिषद पालमपुर की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। अब नगर परिषद अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी कर चुकी है। ऐसे में अब धर्मशाला स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होते देखकर सभी की इच्छा है कि पालमपुर को भी नगर निगम का दर्जा शीघ्र देकर इसे भी स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह समय की भी पुकार है कि भारतवर्ष की मात्र 0.760 किलोमीटर तक सिमटी सबसे छोटी नगर परिषद पालमपुर को नगर निगम घोषित किया जाए। प्रवीन कुमार ने कहा कि वह उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आधार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं शहरी विकास मंत्री सरवीन चौधरी से पालमपुर को प्राथमिकता के आधार पर नगर निगम बनाने का आग्रह किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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