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कांगड़ा में मानसून से भारी तबाही, 270 करोड़ की सड़कें तबाह; 15 मौतें; केंद्रीय टीम ने लिया जायजा

Published: Tue, 29 Sep 2026 01:33 PM (IST)

कांगड़ा में मानसून से भारी तबाही हुई है, जिसमें 15 लोगों की जान गई और 270 करोड़ रुपये की सड़कें ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कांगड़ा में मानसून से 15 लोगों की जान गई, भारी नुकसान

  2. जिले में 270 करोड़ रुपये की सड़कें पूरी तरह तबाह

  3. केंद्रीय टीम ने बोह घाटी का दौरा कर स्थिति का आकलन किया

जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कांगड़ा जिले में हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आइएमसीटी) ने सोमवार देर शाम जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

इससे पहले टीम ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की आपदा प्रभावित बोह घाटी का दौरा कर प्रभावितों से बातचीत की और नुकसान की स्थिति जानी।

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपायुक्त हेमराज बैरवा ने केंद्रीय दल को जिले में मानसून से हुए नुकसान और अब तक किए गए राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान कांगड़ा में मानव जीवन, पशुधन के साथ सड़क, पेयजल, सिंचाई, बिजली, कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को व्यापक क्षति पहुंची है।

854 किलोमीटर सड़कें प्रभावित, 269.77 करोड़ का नुकसान

उपायुक्त ने बताया कि विभिन्न घटनाओं में जिले में 15 लोगों की जान गई, जबकि 76 पशुधन का नुकसान हुआ। नूरपुर, देहरा और पालमपुर सर्कल में करीब 854 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिससे 269.77 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।

पेयजल क्षेत्र में भी भारी क्षति हुई है। जिले की 428 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं और करीब 64.06 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इनमें से 330 योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल किया जा चुका है।

जिले की 417 सिंचाई योजनाओं में से 89 योजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 25 प्रतिशत से अधिक योजनाओं को बहाल किया जा चुका है।

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बिजली, शिक्षा और कृषि को भी भारी क्षति

मानसून की मार से बिजली ढांचे को भी नुकसान हुआ। हाईटेंशन और लो टेंशन लाइनों के साथ बिजली के खंभे उखड़ने से राज्य विद्युत निगम को 204.57 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

कृषि क्षेत्र में फसलों को नुकसान से 63.97 लाख रुपये, स्वास्थ्य क्षेत्र में 75 लाख रुपये, शिक्षा क्षेत्र में 2.57 करोड़ रुपये और बागवानी क्षेत्र में 10.73 लाख रुपये की क्षति हुई है।

बोह घाटी में 22 परिवारों के 95 लोग प्रभावित

उपायुक्त ने केंद्रीय दल को बताया कि 21 जुलाई 2026 को बोह घाटी के घड़गूं गांव में भारी बारिश से 22 परिवारों के 95 लोग प्रभावित हुए थे। प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत शिविर में स्थानांतरित कर तत्काल राहत उपलब्ध करवाई गई थी। केंद्रीय दल ने क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावित लोगों से बातचीत भी की।

राहत राशि बढ़ाने के लिए केंद्र से मापदंड बदलने का आग्रह

हेमराज बैरवा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को राहत और पुनर्वास देने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले तीन वर्षों में अपने संसाधनों से सहायता राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये किया है। उन्होंने केंद्रीय दल से आपदा के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के मापदंडों में संशोधन की सिफारिश केंद्र से करने का आग्रह किया, ताकि राज्यों को अधिक सहायता मिल सके।

केंद्रीय दल के अध्यक्ष एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि सहायता के मापदंडों में संशोधन की दिशा में केंद्र स्तर पर कार्य पहले से जारी है और यह अंतिम चरण में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। बैठक में केंद्रीय दल के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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