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कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार: अधिग्रहित भूमि पर लगे नो एंट्री के बोर्ड, 13 मुहालों में से 7 का नामांतरण; प्रक्रिया तेज

By Dinesh Katoch Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 16 Sep 2026 05:08 PM (IST)Updated: Wed, 16 Sep 2026 05:22 PM (IST)

कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसमें महाल भेड़ी क्षेत्र में अधिग्रहित भूमि का स्वामित्व ...और पढ़ें

कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए अधिग्रहित भूमि पर पर्यटन विभाग ने नोटिस लगा दिए हैं। जागरण

कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए अधिग्रहित भूमि पर पर्यटन विभाग ने नोटिस लगा दिए हैं। जागरण

HighLights

  1. अधिग्रहित भूमि का स्वामित्व पर्यटन विभाग को हस्तांतरित।

  2. अनधिकृत गतिविधियों पर रोक के लिए नोटिस जारी।

  3. हवाई पट्टी 3010 मीटर तक बढ़ाने की तैयारी।

संवाद सहयोगी, गगल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के गगल स्थित कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर प्रशासन ने भूमि संबंधी कार्रवाई तेज कर दी है। हवाई अड्डे के विस्तार के लिए महाल भेड़ी क्षेत्र में अधिग्रहित की गई भूमि का स्वामित्व अब आधिकारिक तौर पर पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हस्तांतरित कर दिया गया है।

भू-अर्जन अधिकारी की ओर से भूमि विभाग के नाम किए जाने के बाद अब अधिग्रहित जमीन पर प्रशासनिक स्तर पर अगली कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से महाल भेड़ी क्षेत्र में अधिग्रहित भूमि के संबंध में सार्वजनिक नोटिस भी लगाया गया है।

नोटिस के माध्यम से लोगों को स्पष्ट किया गया है कि अधिग्रहित सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि न की जाए। इसके साथ ही अधिग्रहित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों को भी चेतावनी दी गई है। 

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी आदेशों की अवहेलना करने या अधिग्रहित भूमि में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक नियंत्रण और मजबूत

भूमि विभाग के नाम हस्तांतरित होने और सार्वजनिक नोटिस लगाए जाने के बाद अब एयरपोर्ट विस्तार के लिए अधिग्रहित जमीन पर प्रशासनिक नियंत्रण और मजबूत हो गया है। इससे यह भी संकेत मिल रहा है कि परियोजना के अगले चरण की तैयारियां तेज की जा रही हैं।

तारबंदी का कार्य होगा

अधिग्रहित भूमि पर कब्जा लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ जल्द ही तारबंदी का कार्य शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके बाद हवाई अड्डे के विस्तार से संबंधित आगामी तकनीकी और निर्माण कार्यों के लिए भूमि को सुरक्षित किया जा सकेगा।

क्या कहते हैं पर्यटन अधिकारी

जिला कांगड़ा के हिमाचल पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए कुल 13 मुहालों की भूमि से संबंधित प्रक्रिया चल रही है। इनमें से सात मुहालों का नामांतरण पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के नाम हो चुका है, जबकि बाकी सात की प्रक्रिया जारी है।

अनधिकृत गतिविधि बर्दाश्त नहीं

महाल भेड़ी में लगाए गए नोटिस के जरिए विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अधिग्रहित क्षेत्र में किसी तरह का नया कब्जा, निर्माण या अन्य अनधिकृत गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से एयरपोर्ट विस्तार के लिए अधिग्रहित भूमि को सुरक्षित करने और आगामी कार्यों को गति देने की तैयारी साफ दिखाई दे रही है।

14 राजस्व गांव हो रहे प्रभावित

कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत कांगड़ा और शाहपुर क्षेत्र की आठ पंचायतों के 14 राजस्व गांव प्रभावित हो रहे हैं। परियोजना के लिए प्रभावित लोगों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है और इसकी एवज में सरकार की ओर से मुआवजा राशि का भुगतान किया जा रहा है। 

2580 करोड़ का भू-मुआवजा

अगस्त 2026 के अंत तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 2,580 करोड़ रुपये के भू-मुआवजे का प्रविधान किया गया है। एयरपोर्ट विस्तार से केवल भूमि मालिक ही प्रभावित नहीं हो रहे हैं, बल्कि सरकारी भूमि पर वर्षों से दुकानें चलाने वाले गैर-भूस्वामी परिवार भी इसकी जद में आ रहे हैं।

ऐसे 113 गैर-भूस्वामी परिवारों को राहत देने के लिए सरकार ने मानवीय आधार पर 16.76 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज मंजूर किया है। इससे इन परिवारों को विस्थापन के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी।

1376 से 3010 मीटर होगी हवाई पट्टी

इस समय हवाई पट्टी की लंबाई 1,376 मीटर है। परियोजना के पूरा होने पर हवाई पट्टी को बढ़ाकर 3,010 मीटर (कुछ योजनाओं में 3,110 मीटर तक) किया जाना प्रस्तावित है। इस विस्तार के बाद यहां एयरबस ए-320 और बोइंग जैसे बड़े विमान आसानी से लैंड कर सकेंगे।

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